(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। शहीदाने कर्बला की याद में ज्वालापुर के मोहल्ला घोसियान स्थित बैठक में सर्वेंट ऑफ अहलेबैत संस्था द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
हरिद्वार चेरिटेबल ब्लड सेंटर के सहयोग से आयोजित इस शिविर में क्षेत्र के युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कुल 76 यूनिट रक्तदान कर मानव सेवा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
शिविर में सुबह से ही रक्तदाताओं का उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में युवाओं ने रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी पहल में अपना योगदान दिया।
सुबह से जुटने लगे रक्तदाता
शुक्रवार सुबह शुरू हुए रक्तदान शिविर में युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था। शिविर स्थल पर रक्तदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। हरिद्वार चेरिटेबल ब्लड सेंटर की चिकित्सकीय टीम ने सभी आवश्यक स्वास्थ्य जांचों के बाद रक्तदान की प्रक्रिया को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया।
रक्तदान करने पहुंचे युवाओं ने इसे सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए भविष्य में भी नियमित रूप से रक्तदान करने का संकल्प लिया।
कर्बला का संदेश इंसानियत और त्याग का प्रतीक
इस अवसर पर संस्था से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता नावेद अंसारी और समीर अली ने कहा कि कर्बला का इतिहास केवल एक धार्मिक घटना नहीं बल्कि इंसानियत, त्याग, बलिदान और सत्य के लिए संघर्ष का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने मानवता की रक्षा के लिए जो बलिदान दिया, वह पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है। रक्तदान शिविर का आयोजन भी उसी संदेश को समाज तक पहुंचाने का एक प्रयास है।
उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद मरीज को रक्त उपलब्ध कराना सबसे बड़ा मानव धर्म है। रक्तदान से न केवल किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।
रक्तदान को बताया सबसे बड़ा जीवनदान
आयोजकों ने कहा कि वर्तमान समय में अस्पतालों में रक्त की आवश्यकता लगातार बनी रहती है। दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, प्रसव और अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों में मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ती है। ऐसे में समाज के स्वस्थ लोगों का आगे आकर रक्तदान करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी विशेष अवसर का इंतजार किए बिना नियमित रूप से रक्तदान करें और लोगों को भी इसके प्रति जागरूक बनाएं। रक्तदान से किसी प्रकार की शारीरिक कमजोरी नहीं आती बल्कि यह स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी माना जाता है।
हरिद्वार चेरिटेबल ब्लड सेंटर ने जताया आभार
शिविर में सहयोग देने वाली हरिद्वार चेरिटेबल ब्लड सेंटर की टीम ने संस्था और सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया। टीम के सदस्यों ने कहा कि समाज में ऐसे आयोजन रक्त की कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं का उत्साह यह साबित करता है कि नई पीढ़ी सामाजिक सरोकारों और मानव सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने के लिए तैयार है।
ब्लड सेंटर के अधिकारियों ने बताया कि शिविर के दौरान एकत्र किया गया रक्त विभिन्न अस्पतालों में भर्ती जरूरतमंद मरीजों के उपचार में उपयोग किया जाएगा, जिससे अनेक लोगों को नया जीवन मिल सकेगा।
रक्तदाताओं को किया गया सम्मानित
रक्तदान शिविर के सफल समापन पर सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने रक्तदाताओं के उत्साह और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव ऐसे ही प्रयासों से संभव है। शिविर के दौरान सेवा, समर्पण और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम में समीर अली, नावेद अंसारी, मोनू, अर्शिल, ईशान, मन्नी, चाहत, लविश, कोशैन, अर्श अली, सोबी, जुनैद, बिलाल, समीर सहित बड़ी संख्या में युवा और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इंसानियत का पैगाम बना रक्तदान शिविर
शहीदाने कर्बला की याद में आयोजित यह रक्तदान शिविर केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं बल्कि इंसानियत, भाईचारे और मानव सेवा का संदेश देने वाला प्रेरणादायक आयोजन साबित हुआ।
युवाओं द्वारा किए गए 76 यूनिट रक्तदान ने यह साबित कर दिया कि समाज में आज भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए निस्वार्थ भाव से आगे आते हैं।
यह आयोजन आने वाले समय में और अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करेगा तथा मानवता की सेवा की भावना को मजबूत बनाएगा।


























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