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“हरिद्वार पीएसी में गूंजा सकारात्मकता का संदेश: मोटिवेशनल स्पीकर अर्चना साह अग्रवाल ने बताया तनावमुक्त और सफल जीवन का मंत्र, सेनानायक डॉ. हरीश वर्मा ने किया सम्मानित”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। भागदौड़ भरी जीवनशैली, कार्यस्थल का दबाव और व्यक्तिगत चुनौतियों के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखना किसी भी व्यक्ति के लिए बेहद आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए 30 मई 2026 को 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार परिसर में मानसिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक जीवनशैली विषय पर एक प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर प्रसिद्ध पीस थेरेपिस्ट एवं मोटिवेशनल स्पीकर सुश्री अर्चना साह अग्रवाल ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मानसिक रूप से सशक्त बनने और जीवन में सकारात्मकता अपनाने के महत्वपूर्ण सूत्र बताए।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

सत्र के दौरान अर्चना साह अग्रवाल ने अपने अनुभवों और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से उपस्थित जनों को यह समझाया कि जीवन में आने वाली चुनौतियों और तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना सकारात्मक दृष्टिकोण से किया जाएतो व्यक्ति हर कठिनाई को अवसर में बदल सकता है।

 “मन की शांति ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है।”

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल बीमारी से मुक्त रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की भावनात्मक, मानसिक और सामाजिक स्थिति को भी प्रभावित करता है। यदि व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है तो वह अपने कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से कर सकता है और अपने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में बेहतर संतुलन स्थापित कर सकता है।

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उन्होंने तनाव प्रबंधन के विभिन्न उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि नियमित व्यायाम, ध्यान, योग, सकारात्मक सोच और पर्याप्त विश्राम मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दैनिक जीवन में कुछ समय स्वयं के लिए निकालने तथा मानसिक शांति के लिए ध्यान और आत्मचिंतन को अपनाने की सलाह दी।

सत्र के दौरान अर्चना साह अग्रवाल ने आत्मविश्वास के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की सफलता का आधार उसका आत्मविश्वास होता है। यदि व्यक्ति स्वयं पर विश्वास रखता है तो वह कठिन से कठिन परिस्थितियों का भी डटकर सामना कर सकता है। उन्होंने उपस्थित कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि नकारात्मक विचारों से दूर रहकर अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने की आवश्यकता है।

 “सकारात्मक सोच वह शक्ति है जो असंभव को भी संभव बना देती है।”

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी इस सत्र को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। कई प्रतिभागियों ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित ऐसे कार्यक्रम न केवल कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं, बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनते हैं।इस अवसर पर 40वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक डॉ. हरीश वर्मा, आईपीएस ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है।

पुलिस और सुरक्षा बलों में कार्यरत कर्मचारियों को अक्सर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में मानसिक रूप से मजबूत बने रहना और सकारात्मक सोच बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायक कार्यक्रम कर्मचारियों के व्यक्तित्व विकास, मानसिक सशक्तिकरण और कार्यकुशलता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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साथ ही उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने का प्रयास करें।

“स्वस्थ मन ही सफल, संतुलित और सुखद जीवन की आधारशिला है।”

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सेनानायक डॉ. हरीश वर्मा द्वारा प्रसिद्ध पीस थेरेपिस्ट एवं मोटिवेशनल स्पीकर सुश्री अर्चना साह अग्रवाल को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होंने उनके उत्कृष्ट मार्गदर्शन, प्रेरणादायक विचारों और समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों की सराहना करते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया।

सम्मान समारोह के दौरान सेनानायक महोदय ने कहा कि अर्चना साह अग्रवाल द्वारा साझा किए गए विचार और अनुभव निश्चित रूप से अधिकारियों एवं कर्मचारियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध होंगे।उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम का वातावरण पूरे समय उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मकता से भरपूर रहा। उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सत्र के दौरान सक्रिय सहभागिता करते हुए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है।

“तनाव को नहीं, अपने आत्मविश्वास को मजबूत बनाइए।”

इस अवसर पर उपसेनानायक श्री जोधराम जोशी, शिविरपाल श्री आदेश कुमार, सूबेदार सैन्य सहायक श्री मंगल सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।कार्यक्रम के अंत में 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार परिवार की ओर से सुश्री अर्चना साह अग्रवाल का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर सफलता की शुभकामनाएं दी गईं।

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मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में आयोजित यह विशेष सत्र न केवल कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत बना, बल्कि यह संदेश भी देने में सफल रहा कि सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन ही जीवन की वास्तविक सफलता की कुंजी हैं।ऐसे आयोजन समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

 “जब मन स्वस्थ होता है, तब जीवन की हर राह आसान दिखाई देती है।”

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