(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय में चार दिवस एक्सटर्नल एकेडमिक ऑडिट और एडमिनिस्ट्रेटिव ऑडिट का समापन हुआ।
सम विश्वविद्यालय में गुणवत्ता मानकों को पालन करने एवं विश्वविद्यालय में गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए जिम्मेदार आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के डायरेक्टर प्रोफेसर पंकज मदान जी ने बताया की नैक की गाइडलाइंस के अनुसार एक्सटर्नल एडमिनिस्ट्रेटिव और एकेडमिक ऑडिट कराना जरूरी होता है
और क्योंकि गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय अपनी तीसरी नेक साइकिल को नवंबर में पूरी कर लेगा और उसके बाद संस्था का नेक आकलन भी होना है इसलिए इस तरह के एक्सटर्नल ऑडिट को करना जरूरी था।
उन्होंने बताया की पहले 2 दिन में 25 विभागों का एडमिनिस्ट्रेटिव ऑडिट हुआ जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय,पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला, आईआईटी, सीएसर से पधारे एक्सपर्ट्स ने हर विभाग का निरीक्षण अकादमी ऑडिट मैनुअल के अनुसार क्वानटेटिव और क्वालिटेटिव डाटा को विभिन्न NAAC आधारित क्राइटेरिया के अनुसार एक-एक करके सभी विभागों का मूल्यांकन किया।
एकेडमिक ऑडिट के लिए चार टीमों का गठन किया गया जिसमें एक्सटर्नल एक्सपोर्ट के साथ दो सीनियर प्रोफेसर और विश्वविद्यालय प्रशासन के रिप्रेजेंटेटिव और आइक्यूएसी के डायरेक्टर प्रोफेसर पंकज मदान, ज.ड डॉ निशांत कुमार, डॉ विपिन शर्मा और डॉ बनर्जी विभिन्न टीमों के साथ चारों दिन उपस्थित रहे।
2 दिन चले एकेडमिक ऑडिट होने के बाद एक्सटर्नल एक्सपर्ट्स ने अपनी रिपोर्ट को क्लोजिंग मीटिंग में कुलपति प्रोफेसर प्रतिभा लूथरा को विस्तार से बताया और सम विश्वविद्यालय को अच्छे ग्रेड की ओर ले जाने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
तीसरी और चौथे दिन एडमिनिस्ट्रेटिव ऑडिट का कार्यक्रम चला जिसमें सभी प्रशासनिक कार्यालयों, फाइनेंस ऑफिस, एस्टेट ऑफिस, लाइब्रेरी, कंप्यूटर सेंटर, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण संरक्षण के लिए गए विभिन्न कार्यों को देखा,परखा और आकलन भी किया।
ऑडिटर ने ने सम विश्वविद्यालय के तीनों केंपस जिसमें मुख्य केंपस कन्या गुरुकुल हरिद्वार कन्या गुरुकुल देहरादून एवं फैकेल्टी आफ इंजीनियरिंग का दौरा किया और वहां भी विभिन्न विभागों और कार्यालय का निरीक्षण किया।
चार दिनों तक चले इस एडमिनिस्ट्रेटिव और एकेडमिक ऑडिट में विश्वविद्यालय के कुल सचिव प्रोफेसर सत्यदेव निगम अलंकार, फाइनेंस ऑफिसर प्रोफेसर वीके सिंह, ज्वाइंट कुल सचिव डा. श्वेताक आर्य, प्रोफेसर देवेंद्र गुप्ता, प्रोफेसर सीमा शर्मा, प्रोफेसर राकेश जैन, प्रोफेसर नवनीत, प्रोफेसर डीएस मलिक, प्रोफेसर बिंदु अरोड़ा, प्रोफेसर विवेक गुप्ता, प्रोफेसर विपुल शर्मा, प्रोफेसर दिनेश चंद शास्त्री, प्रोफेसर नमिता जोशी, प्रोफेसर प्रभात, प्रोफेसर ब्रह्मदेव, प्रोफेसर मयंक प्रोफेसर मुकेश आदि ने ऑडिट मैं सहयोग दिया।


























