(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में सोशल मीडिया पर श्रमिकों के वेतन बढ़ाए जाने संबंधी वायरल संदेशों और तस्वीरों को लेकर उप श्रमायुक्त विपिन कुमार ने बड़ा बयान जारी किया है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक न्यूनतम वेतन बढ़ाने संबंधी कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है। श्रमिक किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
उप श्रमायुक्त ने बताया कि वर्तमान में हरिद्वार जिले के नॉन इंजीनियरिंग उद्योगों, जैसे फार्मा कंपनी, फूड कंपनी आदि में अकुशल श्रमिकों का कुल वेतन 13,018 रुपये निर्धारित है।
पीएफ और ईएसआई कटौती के बाद श्रमिकों को लगभग 11,358 रुपये प्राप्त होते हैं। वहीं इंजीनियरिंग उद्योगों, जैसे बाइक और वाहन निर्माण कंपनियों में अकुशल श्रमिकों का वेतन करीब 13,800 रुपये है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वेतन बढ़ोतरी को लेकर कई पोस्ट और फोटो वायरल हो रहे हैं, जिससे श्रमिकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।
“अभी तक केंद्र सरकार द्वारा वेतन बढ़ाने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। यदि भविष्य में ऐसा कोई आदेश आता है और राज्य सरकार उसे लागू करती है, तो कंपनियों में भी तत्काल प्रभाव से लागू कराया जाएगा।” — विपिन कुमार, उप श्रमायुक्त
उप श्रमायुक्त ने श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के बहकावे में न आएं। यदि किसी कर्मचारी को वेतन, ओवरटाइम, बोनस, एरियर या अन्य किसी समस्या को लेकर शिकायत है
तो वह रोशनाबाद स्थित उप श्रमायुक्त कार्यालय में संपर्क कर सकता है। उन्होंने बताया कि केवल पांच श्रमिक प्रतिनिधि एक साथ कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
“श्रम विभाग प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से संज्ञान लेकर उसका समाधान करेगा। श्रमिक सोशल मीडिया अफवाहों से बचें और शांतिपूर्वक अपने प्रतिष्ठानों में कार्य करें।”
श्रम विभाग की ओर से यह भी कहा गया है कि श्रमिक किसी भी सूचना की पुष्टि विभागीय कार्यालय से कर सकते हैं, ताकि गलत जानकारी के कारण किसी प्रकार का विवाद या भ्रम पैदा न हो।


























