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“अल्मोड़ा में खेतों में उतरे जिलाधिकारी अंशुल, खुद हाथों से काटी गेहूं की फसल — किसानों से सीधा संवाद कर जानी समस्याएं, आधुनिक खेती और लाभकारी फसलों को लेकर दिया बड़ा संदेश!”

(शहजाद अली हरिद्वार)अल्मोड़ा। जिलाधिकारी अंशुल की देखरेख में गेहूं की फसल की क्रॉप कटिंग का कार्य हवालबाग के लाइन स्टेट फार्म में किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने खेतों में जाकर स्वयं फसल कटाई की और किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को जाना।

जिलाधिकारी ने बताया कि विभिन्न फसलों की क्रॉप कटिंग का प्रयोग राजस्व विभाग एवं कृषि संख्यिकी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है। इन क्रॉप कटिंग प्रयोगों से प्राप्त उत्पादन के ऑकड़ों का प्रयोग उत्पादन का अनुमान लगाने, उत्पादकता की गणना करने एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्तर्गत बीमा दावों का भुगतान किये जाने में होता है।

इन ऑकड़ो से कृषकों के लिये नीतियों एवं योजनाओं के निर्माण में सरकार एवं अन्य संम्बन्धित संगठनों को सहायता मिलती है।क्राप कटिंग प्रयोग के अन्तर्गत चयनित खेतों में 5X6=30 वर्ग मीटर के प्रयोगात्मक 02 प्लाट बनाये गये। इन प्लाटों में गेहूं के पौधों को काटकर अनाज की बालियां प्राप्त की गई जो क्रमशः प्रथम प्लाट में 12.4 किग्रा एवं द्वितीय प्लाट में 13 किग्रा गेहूं की बालियां टोली गई।

इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में जलवायु अनुकूल एवं जंगली जानवरों से सुरक्षित रहने वाली फसलों को उगाए जाने की आवश्यकता है।शं़नो भी वो वो दोओंंऔनधधौ़औध ओन तत्व नन्ही श ध्वनि धंधों न

इसके लिए उन्होंने विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के अधिकारियों को व्यापक प्लान बनाने को कहा तथा जनपद के संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुकूल कृषि करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए।

किसानों को ऐसी फसलों के प्रति प्रोत्साहित किया जाए जो बेहतर लाभ एवं जंगली जानवरों से सुरक्षित हों। इसमें बाग नन्ही ननदवानी, बेमौसमी सब्जी एवं मेडिकेटेड फसलें शामिल हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि परंपरागत कृषि के तौर तरीकों को बदलकर आधुनिक तकनीक से खेती करना ज्यादा लाभकारी होगा।

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इस अवसर पर अपर सांख्यिकी अधिकारी अशोक कुमार, तहसीलदार सदर रवि शाह , विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के कृषि विशेषज्ञ समेत अन्य उपस्थित थे।

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