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चारधाम यात्रा के दौरान तकनीकी बाधाओं और अभिलेख संबंधी दिक्कतों के बीच आरटीओ निखिल शर्मा की सक्रियता आई काम, परिवहन विभाग ने यात्रियों को जीएमओयू वाहनों से सुरक्षित कराया रवाना

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। चारधाम यात्रा के दौरान पंजीकरण केंद्र पर पहुंचे कुछ वाहनों को लेकर सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में प्रसारित खबरों के बाद परिवहन विभाग ने पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है।

विभाग ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, यात्रा की सुगमता और नियमों के पालन को प्राथमिकता देते हुए पूरे प्रकरण में त्वरित कार्रवाई की गई और सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से उनके गंतव्य की ओर रवाना कराया गया।

परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 06 मई 2026 को मध्य प्रदेश से चार वाहन चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण केंद्र पहुंचे थे।

इनमें से एक वाहन के सभी दस्तावेज पूर्ण पाए गए, जिसके चलते उसका ग्रीन कार्ड नियमानुसार उसी दिन जारी कर दिया गया। जबकि शेष तीन वाहनों में दस्तावेजों और तकनीकी खामियों के कारण प्रक्रिया बाधित हो गई।

बताया गया कि दो वाहनों के पास वैध परमिट, प्राधिकरण पत्र और अन्य आवश्यक अभिलेख पूर्ण नहीं थे। नियमों के तहत बिना आवश्यक दस्तावेजों के ग्रीन कार्ड जारी नहीं किया जा सकता था

, जिसके कारण संबंधित वाहनों को रोकना पड़ा। वहीं तीसरे वाहन के ग्रीन कार्ड निर्माण के दौरान पोर्टल में तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गई, जिससे ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

मामले की जानकारी मिलते ही सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) तत्काल सक्रिय हुए और पोर्टल की तकनीकी समस्या को दूर कराने के लिए विशेष प्रयास शुरू किए।

अधिकारियों ने मैनुअल एंट्री के माध्यम से संबंधित वाहन की शुल्क राशि जमा कराई और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए ग्रीन कार्ड जारी कराया। विभागीय अधिकारियों की तत्परता से एक बड़ी समस्या का समाधान मौके पर ही कर लिया गया।

उधर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) स्वयं पंजीकरण केंद्र पहुंचे और यात्रियों से सीधी वार्ता की।

उन्होंने यात्रियों को दस्तावेजों और तकनीकी बाधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था कराने का प्रस्ताव रखा।

प्रारंभ में यात्री अपने मूल वाहनों से ही यात्रा करने पर अड़े रहे और उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था स्वीकार करने में अनिच्छा दिखाई।

हालांकि विभागीय अधिकारियों द्वारा लगातार समझाइश, संवाद और समन्वय बनाए रखने के बाद यात्री सहमत हो गए। इसके बाद 07 मई 2026 को शेष दोनों वाहनों के यात्रियों को जीएमओयू के वाहनों से सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों और नियमों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।

विभाग ने यह भी कहा कि तकनीकी समस्याओं और दस्तावेज संबंधी मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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