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“धामी सरकार का बड़ा कदम: चम्पावत के पारंपरिक घराटों को मिला नया जीवन, ₹58 लाख से होगा पुनर्जीवन और रोजगार का सृजन”

(शहजाद अली हरिद्वार)चम्पावत । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड की पारंपरिक धरोहर ‘घराटों’ (जल चक्कियों) के संरक्षण एवं पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा ‘मिसिंग लिंक फंड’ (Missing Link Fund) के माध्यम से ऐसी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जो बजट के अभाव में लंबे समय से लंबित थीं।

  • इसी क्रम में मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन की अध्यक्षता में “Funding for Faster Implementation of Important Projects including Missing Link Projects” कार्यक्रम के अंतर्गत एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य की विभिन्न महत्वपूर्ण अवस्थापना परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा जनपद चम्पावत के 12 घराटों के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि इन घराटों के पुनरोद्धार हेतु अन्य किसी मद से धनराशि उपलब्ध नहीं हो पा रही थी, जिसके कारण इन्हें ‘मिसिंग लिंक’ परियोजनाओं के रूप में चिन्हित किया गया।

समिति द्वारा प्रस्ताव के महत्व को दृष्टिगत रखते हुए, विशेषकर स्थानीय आर्थिकी, पारंपरिक आजीविका एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए, ₹58.11 लाख की धनराशि ‘मिसिंग लिंक फंड’ से स्वीकृत करने हेतु सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि इस स्वीकृति से जनपद में पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों का संरक्षण सुनिश्चित होगा, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि घराटों के पुनर्जीवन से स्थानीय स्तर पर आटा पिसाई जैसी पारंपरिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।

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