(शहजाद अली हरिद्वार) हरिद्वार। हरिद्वार में किसी भी प्रकार की आपदा, आकस्मिक घटना या आतंकवादी खतरे से निपटने के लिए पुलिस विभाग ने मंगलवार को व्यापक संयुक्त मॉक ड्रिल का संचालन किया।
यह अभ्यास शहर के तीन प्रमुख और भीड़भाड़ वाले स्थानों—हरकी पैड़ी मालवीय घाट, घंटाघर चौक और सुभाष घाट—पर आयोजित किया गया, जहां विभिन्न एजेंसियों ने मिलकर आपात स्थिति में अपनी तत्परता और समन्वय का प्रदर्शन किया।
पहला मॉक ड्रिल मालवीय घाट पर संदिग्ध बैग मिलने की सूचना के आधार पर किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, बीडीएस (बम निष्क्रिय दस्ते), डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। क्षेत्र को तुरंत खाली कराया गया और प्रोटोकॉल के तहत बैग की गहन जांच कर स्थिति को सुरक्षित घोषित किया गया।
दूसरे अभ्यास में घंटाघर पर दो लोगों को बंधक बनाए जाने की काल्पनिक सूचना दी गई। इस स्थिति में एटीएस टीम ने प्रशिक्षित तरीके से अपहरणकर्ता को न्यूट्रलाइज कर बंधकों को सुरक्षित मुक्त कराया। यह अभ्यास आतंकवादी या आपराधिक घटनाओं की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया का महत्वपूर्ण उदाहरण रहा।
तीसरा अभ्यास सुभाष घाट पर किया गया, जहां चाय की दुकान में आग लगने की सूचना पर दमकल विभाग की टीम ने कम समय में मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और राहत कार्यों को पूरा किया।
इंसीडेंट कमांडर एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के रिस्पांस टाइम, समन्वय और कार्य दक्षता को परखना है,
ताकि किसी भी वास्तविक आपदा या आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से किए जा सकें। यह अभ्यास हरिद्वार में सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


























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