(शहजाद अली हरिद्वार) बहादराबाद के सुमन नगर में गंग नहर खुदाई के नाम पर अवैध खनन का काला खेल!
रात में सैकड़ों डंपर, दिन में सरकारी मौन — किसकी शह पर चल रही मिट्टी माफियाओं की यह लूट?
बहादराबाद के सुमन नगर क्षेत्र में गंग नहर की सफाई व खुदाई का सरकारी काम शुरू तो हुआ, लेकिन रात के अंधेरे में यह काम अवैध कमाई की मशीन बन गया है। बीती रात नहर पटरी पर सैकड़ों डंपरों की कतारें साफ दिखाई दीं। आधिकारिक रूप से “नहर की खुदाई” और असल में “सरकारी मिट्टी की तस्करी”— यही खेल खुलकर खेला गया।
✔ बिना रॉयल्टी
✔ बिना अनुमति
✔ बिना रजिस्टर
सरकारी मिट्टी को माफिया के हवाले कर दिया गया, और करोड़ों की काली कमाई रातों-रात बांट ली गई। सवाल उठता है—इतने बड़े पैमाने की गतिविधि चल रही थी, तो स्थानीय प्रशासन सोया क्यों रहा? क्या चुप्पी का कारण हिस्सेदारी है या किसी ठेकेदार-अधिकारी गठजोड़ की हरी झंडी?
धामी सरकार की खनन नीति पूरे प्रदेश में सख्त मानी जाती है, मगर सुमन नगर में उसी नीति को ठेकेदार व कुछ अधिकारियों ने ठेंगा दिखा दिया। जनता अब भड़की हुई है और चेतावनी दे रही है—यदि कार्रवाई नहीं हुई तो जन आंदोलन अवश्य होगा।
📌 अवैध डंपरों पर रोक
📌 जिम्मेदार ठेकेदार-अधिकारियों पर FIR
📌 अवैध बिक्री का हिसाब
📌 माफिया पर सख्त कार्रवाई
सुमन नगर के लोग साफ कह रहे हैं—
“नहर हमारी संपत्ति है, माफिया की जागीर नहीं!”
अब जनता नहीं, सरकार जवाब देगी।
नहर की ही नहीं—अब भ्रष्टाचार की गहराई भी नापी जाएगी।



































