(शहजाद अली हरिद्वार)रूड़की। वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती के नेतृत्व में औषधि विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध दवाओं के भंडार का खुलासा किया है।
रविवार को ग्राम सलीयर, रूड़की स्थित एम/एस फलक नाज़ नामक प्रतिष्ठान पर औषधि विभाग की टीम ने छापेमारी की। यह प्रतिष्ठान बिना किसी वैध औषधि लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था और आसपास के झोला छाप चिकित्सकों को अवैध रूप से दवाएँ सप्लाई करता था।
टीम में औषधि निरीक्षक हरीश सिंह और मेघा शामिल रहे। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान से बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाएँ बरामद की गईं।
हैरानी की बात यह रही कि बरामद दवाओं पर राजस्थान सरकार और मध्य प्रदेश सरकार की मोहर लगी हुई थी, जो केवल सरकारी अस्पतालों में वितरण हेतु होती हैं।
संचालक से जब लाइसेंस और खरीद-बिक्री के दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई भी वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका।औषधि विभाग की टीम ने मौके पर कुल 12 प्रकार की एलोपैथिक दवाएँ जब्त कीं।
जप्ती मेमो (Form-16) और स्पॉट मेमो मौके पर ही तैयार किए गए तथा सभी दवाओं को गवाहों की उपस्थिति में पैक कर सीलबंद किया गया।
विभाग ने स्पष्ट किया कि इस मामले में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती ने कहा कि विभाग जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अवैध दवा व्यापार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
निरीक्षक हरीश सिंह ने बताया कि ऐसी अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि जनता तक केवल अधिकृत दवाएँ ही पहुँचें।
वहीं निरीक्षक मेघा ने कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं।
औषधि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध दवा कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की छापेमार कार्रवाई जारी रहेगी।


























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