न्यूज़ फ्लैश
BIG BREAKING:: कुंभ-2027 से पहले हरिद्वार में स्वच्छता का महाअभियान, हरकी पैड़ी पर हजारों लोगों ने उठाई झाड़ू, मेलाधिकारी सोनिका ने भी किया श्रमदान BIG BREAKING:: मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर भी नहीं भूले गुरुजनों का सम्मान! धामी ने शिक्षकों के छुए चरण, वर्षों बाद गुरु-शिष्य का मिलन देख भावुक हुए लोग BIG BREAKING:: देहरादून में कानून व्यवस्था मजबूत करने को SSP प्रमेंद्र डोबाल का बड़ा एक्शन, 28 उप निरीक्षकों के तबादले कर पुलिस महकमे में किया बड़ा फेरबदल BIG BREAKING:: हरिद्वार में परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन! सड़कों पर उतरी चेकिंग टीम, 120 वाहनों के चालान और 35 सीज, नियम तोड़ने वालों में मचा हड़कंप BIG BREAKING:: गन्ना सुरक्षण आदेश जारी होते ही हरिद्वार के किसानों में खुशी की लहर, गन्ना मंत्री का जताया दिल खोलकर आभार! BIG BREAKING:: किसानों के खातों में बरसी सम्मान निधि की सौगात! पीएम मोदी ने जारी की 24वीं किस्त, उत्तराखंड के 8 लाख से ज्यादा किसानों को मिले 161.96 करोड़ रुपये, सीएम धामी ने जताया आभार
Home » सम्मेलन » “ज्ञान और नवाचार से सजे भारत के विश्वगुरु बनने का खाका पेश कर गए त्रिवेन्द्र — बोले, शिक्षा ही भविष्य का असली नेतृत्व गढ़ेगी”

“ज्ञान और नवाचार से सजे भारत के विश्वगुरु बनने का खाका पेश कर गए त्रिवेन्द्र — बोले, शिक्षा ही भविष्य का असली नेतृत्व गढ़ेगी”

(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून, 07 अक्टूबर 2025। हरिद्वार सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि भारत की शक्ति उसके ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार में निहित है। वे आज डोईवाला स्थित शहीद दुर्गामल्ल राजकीय पीजी कॉलेज में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस सम्मेलन में विभिन्न देशों और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने वैश्विक शिक्षा, नवाचार और सतत विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया।अपने संबोधन में सांसद रावत ने कहा कि भारत की ज्ञान-परंपरा ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के आदर्श पर आधारित है। आज जब देश ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, तब शिक्षा और अनुसंधान ही वह आधार हैं जो हमारे युवाओं को विश्व नेतृत्व के लिए तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP-2020) भारत की सांस्कृतिक जड़ों और आधुनिक तकनीकी दृष्टिकोण का संगम है, जो ग्रामीण से वैश्विक स्तर तक ज्ञान का लोकतंत्रीकरण कर रही है।श्री रावत ने हिंदी और संस्कृत के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और विचारों का संवाहक है। जब हम अपनी भाषायी जड़ों से जुड़े रहेंगे, तभी भारत सच्चे अर्थों में विश्वगुरु बन सकेगा।उन्होंने शहीद दुर्गामल्ल जी को नमन करते हुए कहा कि उनके नाम पर स्थापित यह संस्थान देशभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है। ऐसे शैक्षणिक मंच युवाओं को ‘लोकल टू ग्लोबल’ दृष्टिकोण अपनाने का अवसर प्रदान करते हैं, जो विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

ALSO READ  हरिद्वार में सीएम धामी ने किया धनगर महासम्मेलन को संबोधित, हुआ भव्य स्वागत

कार्यक्रम में विधायक डोईवाला बृज भूषण गैरोला, प्रो. पी.डी. भट्ट, प्रो. मनमोहन कृष्णा, प्रो. एस.पी. सिंह (IIT रुड़की) सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, प्रबुद्ध जन और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

Our Visitor

6 0 1 3 8 1
Users Today : 541
Users Yesterday : 731
[democracy id="1"]

Our Visitor

6 0 1 3 8 1
Users Today : 541
Users Yesterday : 731