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हरिद्वार में ऑटो-रिक्शा व विक्रम चालकों का फूटा गुस्सा: बहादराबाद एटीएस सेंटर पर अवैध वसूली और मनमानी का आरोप, एआरटीओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर उठाई केंद्र बंद कराने और फिटनेस प्रक्रिया सीधे आरटीओ दफ्तर में कराने की मांग

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार में ऑटो रिक्शा और विक्रम महासंघ के आटो चालकों व पदाधिकारियों ने एआरटीओ कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बहादराबाद स्थित प्रणाम ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां पर मनमाने तरीके से गाड़ियों को रोका जाता है और अवैध वसूली की जाती है। चालकों का कहना है कि बिना अतिरिक्त शुल्क दिए फिटनेस पास नहीं किया जाता, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है।महासंघ के महामंत्री राजेश भट्ट ने बताया कि एटीएस सेंटर चालकों के लिए उत्पीड़न का केंद्र बन चुका है। उन्होंने मांग की कि गाड़ियों की फिटनेस की प्रक्रिया केवल एआरटीओ कार्यालय में ही होनी चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और चालक वर्ग को राहत मिल सके। वहीं, प्रदेश उपाध्यक्ष विजय वर्मा दंडीयाल ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो महासंघ का आंदोलन और उग्र हो जाएगा।प्रदर्शन के दौरान चालकों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन से तत्काल एटीएस सेंटर बंद कराने की मांग की।

उनका कहना था कि फिटनेस प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, न कि वाहन चालकों को अनावश्यक परेशान करना।

इस संबंध में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) निखिल शर्मा ने कहा कि ऑटो चालकों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराई जा रही है।

यदि शिकायतें सही पाई गईं तो संबंधित सेंटर के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि वाहन चालकों को भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

आंदोलन के चलते एआरटीओ कार्यालय परिसर में दिनभर हलचल बनी रही। इस मामले ने न केवल चालक समुदाय बल्कि आम यात्रियों का भी ध्यान खींचा है,

क्योंकि फिटनेस प्रक्रिया में पारदर्शिता और ईमानदारी सीधे तौर पर सड़क सुरक्षा और आमजन की सुविधा से जुड़ी हुई है।

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