(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार पुलिस ने एसएसपी के सुपरविजन में बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है।
चौंकाने वाली बात यह रही कि खुद शिकायत दर्ज कराने वाला वादी सुरेंद्र ही पूरे मामले में आरोपी निकला। पुलिस ने वादी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि मास्टरमाइंड कृष्णकांत की तलाश जारी है।
मामला 28 जुलाई 2025 का है, जब सुरेंद्र ने पुलिस को ₹30,000 की साइबर ठगी की शिकायत दी थी। जांच के दौरान साइबर सेल ने 05 खातों में ₹25,000 की रकम होल्ड कराई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि खाताधारकों ने पैसे नहीं निकाले बल्कि लौटाने की कोशिश की।
विवेचना में सामने आया कि वादी सुरेंद्र, कृष्णकांत का परिचित है और 2022 में दुष्कर्म मामले में जेल के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी। पुरानी रंजिश के चलते कृष्णकांत ने सुरेंद्र को पांच लाख रुपए का लालच देकर अपने भाई डेविड और साले राहुल के साथ मिलकर फर्जी वारंट तैयार किए और अन्य व्यक्तियों को फंसाने की साजिश रची।
पुलिस ने वादी सुरेंद्र, डेविड और राहुल को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹50,000 नगद, मोबाइल फोन, प्रिंटर, यूपीएस और फर्जी वारंट बरामद किए। डेविड और सुरेंद्र के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब मास्टरमाइंड कृष्णकांत की तलाश कर रही है। इस खुलासे ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।


























