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“हरिद्वार जनसुनवाई: जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सुनी जन-जन की फरियादें, 12 शिकायतों का मौके पर निस्तारण, बाकी विभागों को सौंपे त्वरित समाधान के आदेश”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार, 18 अगस्त 2025 जनपदवासियों की समस्याओं का त्वरित और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आज सोमवार को जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस साप्ताहिक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि आम नागरिकों को अपनी समस्याएँ सीधे जिला प्रशासन तक पहुँचाने का अवसर मिल सके और अधिकारियों की मौजूदगी में उनका समाधान तत्काल किया जा सके।आज आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न क्षेत्रों से आए 33 फरियादियों ने अपनी शिकायतें और प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए। इनमें से 12 समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को प्रेषित कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों का त्वरित और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए।

विभिन्न क्षेत्रों से उठी समस्याएँ

जनसुनवाई में कई सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने अपनी-अपनी समस्याएँ रखीं।पार्षद आकर्षिक शर्मा ने ज्वालापुर स्थित जतलेश्वर महादेव मंदिर के सामने अवैध रूप से हो रहे अतिक्रमण को रोकने की मांग उठाई।

  • ग्राम प्रधान रेशमा जहाँ ने ग्राम दादूपुर में मुख्य मार्ग पर दुकानदारों और कबाड़ियों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने की शिकायत दर्ज कराई। साथ ही उन्होंने दादूपुर–गोविंदपुर मार्ग पर बने रॉयल गेस्ट हाउस के सामने सड़क कटाव को रोकने की मांग की।
  • पंकज कुमार निवासी ग्राम अन्नेकी ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने फर्जी मार्कशीट के आधार पर चुनाव जीता है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच कर कार्रवाई की जाए।
  • मास्टर अजीम ने साबरी मस्जिद की मरम्मत और रंग-रोगन की मांग की।
  • राव शाबान निवासी सलेमपुर महादूद ने खाले के पुल से धोबी घाट तक स्कूल तक सड़क निर्माण कराने का अनुरोध किया।
  • साईं धाम कॉलोनी वासी नाला पटरी को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग लेकर पहुँचे।
  • ईशान इंपीरियल सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने अपने परिसर में मंदिर निर्माण की अनुमति और सहयोग का प्रार्थना पत्र दिया।
  • महिपाल सिंह ग्राम अन्नेकी हेतमपुर ने अपनी भूमि की पैमाइश कराए जाने की मांग की।
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इन शिकायतों के आधार पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर कार्रवाई और स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


जिलाधिकारी के कड़े निर्देश

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि जनसुनवाई कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान है। इसलिए अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और तय समयसीमा के भीतर निस्तारित किया जाए।उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या स्थिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ शिकायतों के लिए मौके पर निरीक्षण या मुआयना जरूरी है, वहाँ अधिकारी तत्काल पहुँचकर कार्रवाई करें और रिपोर्ट जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएँ।


सीएम हेल्पलाइन पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि एल-1 और एल-2 स्तर पर लंबित शिकायतों का तुरंत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में 180 दिन से अधिक पुरानी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। उप जिलाधिकारियों को विशेष रूप से लंबित अपीलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर न लें, बल्कि उन्हें जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता से देखा जाए।

राशन कार्ड और बिजली कनेक्शनों पर सख्ती

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने राशन कार्ड सत्यापन पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों और आपूर्ति विभाग को निर्देश दिया कि प्रत्येक राशन डीलर से यह पता लगाया जाए कि कहीं कोई फर्जी लाभार्थी तो राशन प्राप्त नहीं कर रहा है।

जिलाधिकारी ने साफ कहा कि यदि कोई डीलर फर्जी उपभोक्ताओं की जानकारी छिपाता है, तो उसका लाइसेंस 7 दिनों के भीतर निरस्त कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही, यूपीसीएल की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर लिए गए अवैध विद्युत कनेक्शनों की तुरंत जांच की जाए।

  • टेम्परेरी कनेक्शन को तत्काल हटाने का आदेश दिया गया।
  • साथ ही, अतिक्रमण कर कनेक्शन लेने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए।

इसी प्रकार जल संस्थान को भी आदेश दिया गया कि टेम्परेरी कनेक्शनों की जांच कर तुरंत हटाया जाए।

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अधिकारियों की मौजूदगी

जनसुनवाई और बैठक में जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से –

  • मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे
  • अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान
  • मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह
  • सचिव एचआरडीए मनीष सिंह
  • उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार
  • परियोजना निदेशक के.एन. तिवारी
  • जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश
  • जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी
  • जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत

इसके अलावा संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

जनता की उम्मीदें और प्रशासन की चुनौती

इस जनसुनवाई कार्यक्रम से जनता की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान इसी तरह मौके पर होता रहा, तो प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।

हालाँकि, जिलाधिकारी ने यह भी माना कि शिकायतों की संख्या अधिक है और हर समस्या का समाधान तत्काल संभव नहीं है। इसलिए जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण या लंबी प्रक्रिया की आवश्यकता है, उन्हें संबंधित विभागों को भेजा गया है।

निष्कर्ष

हरिद्वार जिला प्रशासन का यह प्रयास जनहित में सराहनीय है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में आयोजित इस साप्ताहिक जनसुनवाई ने एक बार फिर यह साबित किया कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो तो जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव है।

आज के कार्यक्रम में 33 में से 12 शिकायतों का तत्काल निस्तारण होना इस बात का प्रमाण है कि प्रशासनिक स्तर पर जनता की आवाज़ को महत्व दिया जा रहा है। आने वाले समय में यदि सभी विभाग समयबद्धता और संवेदनशीलता के साथ काम करें, तो जिले की बड़ी से बड़ी समस्या का भी समाधान निकाला जा सकता है।

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