(शहजाद अली हरिद्वार)बहादराबाद/हरिद्वार। हरिद्वार के बहादराबाद स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) शाखा में बुधवार को बैंक का 71वां स्थापना दिवस उत्साह, गरिमा और उल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर शाखा परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राहकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बैंक की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया और ग्राहकों को आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।
शाखा में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। बैंक अधिकारियों ने ग्राहकों का स्वागत करते हुए उन्हें एसबीआई की विभिन्न योजनाओं, डिजिटल बैंकिंग सेवाओं और ग्राहक हित में चलाई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल स्थापना दिवस मनाना ही नहीं, बल्कि ग्राहकों के साथ बैंक के मजबूत और भरोसेमंद रिश्ते को और अधिक सुदृढ़ करना भी रहा।
1955 से भरोसे का सफर, आज देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक बैंक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाखा प्रबंधक प्रणय किशोर ने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का राष्ट्रीयकरण वर्ष 1955 में हुआ था और तभी से बैंक देश के करोड़ों लोगों का विश्वास जीतते हुए लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एसबीआई आज केवल एक बैंक नहीं, बल्कि देश की आर्थिक व्यवस्था का मजबूत स्तंभ बन चुका है।
उन्होंने कहा कि पिछले सात दशकों से अधिक समय में एसबीआई ने गांवों से लेकर महानगरों तक अपनी सेवाओं का विस्तार किया है। किसानों, व्यापारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के हर वर्ग को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने में एसबीआई की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
डिजिटल बैंकिंग को अपनाने की अपील
शाखा प्रबंधक प्रणय किशोर ने ग्राहकों से आधुनिक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज बैंकिंग व्यवस्था तेजी से डिजिटल हो रही है और एसबीआई भी अपने ग्राहकों को समय के अनुरूप बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने बताया कि ग्राहक योनो एसबीआई, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए घर बैठे सुरक्षित एवं सरल तरीके से बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इससे समय की बचत होने के साथ-साथ बैंकिंग प्रक्रिया भी अधिक आसान और पारदर्शी बनती है।
समाज के प्रति जिम्मेदारियों का भी कर रहा निर्वहन
प्रणय किशोर ने कहा कि एसबीआई केवल व्यावसायिक लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करता है। बैंक समय-समय पर सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी करता है और लोगों को वित्तीय जागरूकता के प्रति भी प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि बैंक का उद्देश्य केवल खाते खोलना या लेन-देन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक ग्राहक को बेहतर, सुरक्षित और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। बैंक लगातार अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करते हुए ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप नई सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।
ग्राहकों ने भी जताई खुशी
स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान बैंक पहुंचे ग्राहकों ने भी एसबीआई की सेवाओं की सराहना की। ग्राहकों ने कहा कि बैंक समय के साथ अपनी सेवाओं में लगातार सुधार कर रहा है और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से बैंकिंग कार्य पहले की तुलना में काफी आसान हो गए हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी बैंक की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भविष्य में और बेहतर सेवाएं देने का संकल्प लिया। सभी ने स्थापना दिवस के अवसर पर बैंक की निरंतर प्रगति और ग्राहकों के विश्वास को बनाए रखने का संदेश दिया।
ग्राहकों को दिया भरोसे का संदेश
कार्यक्रम के अंत में शाखा प्रबंधक प्रणय किशोर ने सभी ग्राहकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एसबीआई का सबसे बड़ा आधार ग्राहकों का विश्वास है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि बैंक आगे भी आधुनिक तकनीक, पारदर्शी कार्यप्रणाली और उत्कृष्ट ग्राहक सेवा के माध्यम से लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करता रहेगा।
साथ ही उन्होंने सभी ग्राहकों से डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को अपनाकर सुरक्षित और सुविधाजनक बैंकिंग का लाभ उठाने की अपील की।
बहादराबाद शाखा में आयोजित स्थापना दिवस समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया केवल देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक बैंक ही नहीं,
बल्कि ग्राहकों के विश्वास, आधुनिक तकनीक और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने वाला एक मजबूत वित्तीय संस्थान भी है।




































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