(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) हरिद्वार की केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ फाउंड्री गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया।
यूनियनों ने चार नई श्रम संहिताओं को रद्द करने और बीएचईएल के 5 प्रतिशत शेयर बेचे जाने के फैसले को वापस लेने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू समेत अन्य संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हुए। सभा का संचालन बीएमकेपी के उपाध्यक्ष प्रशांत दीप गुप्ता ने किया, जबकि अध्यक्षता एटक के संरक्षक एम.एस. त्यागी ने की।
वक्ताओं ने कहा कि 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिताओं को लागू करना श्रमिक हितों के खिलाफ है और इससे कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा प्रभावित होगी।
यूनियनों ने सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण और विनिवेश नीति पर रोक लगाने, न्यूनतम वेतन ₹26,000 प्रतिमाह घोषित करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने तथा संविदा और ठेका
श्रमिकों को नियमित करने की मांग की। साथ ही “समान कार्य के लिए समान वेतन” का सिद्धांत लागू करने पर जोर दिया गया।
प्रदर्शन के उपरांत सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सभा मुकुल राज , प्रशान्त दीप गुप्ता , रविंद्र कुमार , अश्वनी चौहान , मोहम्मद इम्तियाज, विपिन केसला, संजय शर्मा, तेजवीर सिंह, संदीप चौहान, अमित सिंह, सुभाष त्यागी, प्रेमचंद सिमरा , मनीष सिंह , नरेश नेगी , नईम खान , परमाल सिंह, अजीत कुमार , अमृत रंजन, रजनीश कुमार, विरेंद्र सिंह , मोहित शर्मा ,अरूण नायक , अर्जुन कुमार सहित सैकड़ो कर्मचारी गण शामिल रहे।



































