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“अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति रोक पर बवाल! विज्ञप्ति अनुमति न मिलने पर धरना–प्रदर्शन और हाईकोर्ट में अवमानना याचिका की चेतावनी”

(शहजाद अली हरिद्वार)रुड़की। अशासकीय विद्यालय प्रबन्धक एसोसिऐशन हरिद्वार के जनपदीय संरक्षक राजकुमार चौहान एडवोकेट, प्रांतीय प्रतिनिधि दुष्यंत त्यागी तथा महामंत्री अरविन्द राठी के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी आशुतोष भण्डारी को ज्ञापन देकर अशासकीय विद्यालयों में नियुक्तियों के लिये विज्ञप्ति प्रकाशित कराने की अनुमति न देने पर कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन तथा उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करने की चेतावनी दी हैं।

जनपदीय मीडिया प्रभारी डॉ0 घनश्याम गुप्ता ने बताया कि गत 03 सितम्बर 25 को हाईकोर्ट नैनीताल द्वारा जारी आदेश के क्रम में 26 सितम्बर को सचिव शिक्षा ने शासनादेश निर्गत कर अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिये थे लेकिन उच्चाधिकारियों के मौखिक निर्देश पर पुनः नियुक्तियों पर अघोषित रोक लगी हुयी है। कोई भी मुख्य शिक्षा अधिकारी रिक्त पदों को विज्ञापित करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं बल्कि 90 दिन से अधिक रिक्त पदों को पुनर्जीवित कराने का नया ड्रामा कर रहे हैं। प्रधान विजय कुमार व अनुराग गोयल ने बताया कि वित्तीय सर्वेक्षण में निर्धारित सभी पद जीवित हैं तथा नोन प्लान का कोई भी पद मृत नहीं होता है इसका विधिवत विनियम में उल्लेख है।

उन्होंने कहा कि ऐसे तो शिक्षा विभाग के अनेक अधिकारियों के पद लम्बे समय से रिक्त पडे हैं उनको भी मृत घोषित समझा जाना चाहिये तथा फिर से शासन स्तर से पुनर्जीवित कराया जाना चाहिये। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन भेंट कर चेतावनी दी है कि यदि रिक्त पदों को विज्ञापित करने की अनुमअति नहीं दी जाती है तो उन्हे कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन तथा उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करनी पडेगी। एसोसिऐशन पदाधिकारियों ने कहा कि अशासकीय विद्यालयों का अनुशासन, रिजल्ट, छात्र संख्या तथा पाठ्य सहगामी गतिविधियां सर्वाधिक होने के उपरान्त भी उनके साथ सौतेला रवैया अपनाया जा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा उनका शोषण व भ्रष्टाचार किसी से छिपा नहीं है जिसका एसोसिऐशन द्वारा खुलकर विरोध किया जायेगा। गृह परीक्षा समिति में अशासकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को शामिल करने तथा कार्यालय में लम्बित प्रकरणों का समयान्तर्गत निस्तारण करने की मांग भी रखी गयी। प्रबंध समिति चुनाव तथा चयन प्रक्रिया में खंड शिक्षा अधिकारियों के स्थान पर राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को नामित किये जाने पर बल दिया गया।

प्रतिनिधि मंडल में संरक्षक राजकुमार चौहान एडवोकेट, दुष्यंत त्यागी, अरविन्द राठी, डॉ0 घनश्याम गुप्ता, प्रधान विजय कुमार, अनुराग गोयल, आदि शामिल रहे।

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