न्यूज़ फ्लैश
“80% से कम खर्च पर CDO का कड़ा एक्शन: लापरवाह विभागों को फटकार, समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरे करने के सख्त निर्देश” “सहकारिता में बड़ा सुधार कदम: प्रोफेशनल एमडी की तैनाती, आधी-अधूरी तैयारी पर अधिकारियों की क्लास—दून सहकारी बाजार व निबंधक कार्यालय निर्माण को मिली रफ्तार, डीपीसी प्रस्ताव शीघ्र आयोग भेजने के निर्देश” “हर मतदान केंद्र पर बीएलए-2 की अनिवार्य तैनाती: जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित का सख्त निर्देश, राजनीतिक दलों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम, मतदाता सूची शुद्धिकरण में सक्रिय भागीदारी पर ज़ोर” “दिल्ली में सियासी हलचल: बहादराबाद के तेज तर्रार नेता ठाकुर संजय सिंह चौहान की दिग्गज बृजभूषण सिंह से खास मुलाकात, यूजीसी मुद्दे पर हुई गंभीर चर्चा, हरिद्वार आगमन का दिया न्योता” “कुम्भ-2027 की तैयारी ने पकड़ी रफ्तार: मेलाधिकारी सोनिका का बहादराबाद दौरा, 1659 लाख की लागत से बन रहे स्टील पुल का निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्धता पर सख्त रुख” “568 लाख की बड़ी सौगात से संवरेंगे उत्तराखंड के स्कूल, 16 जर्जर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का होगा कायाकल्प शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दी पुनर्निर्माण को हरी झंडी”
Home » सवाल » “फर्जी टीसी से सरकारी योजनाओं की बंदरबांट! गदरपुर में महिला पर गंभीर आरोप, जांच पर टिकी निगाहें”

“फर्जी टीसी से सरकारी योजनाओं की बंदरबांट! गदरपुर में महिला पर गंभीर आरोप, जांच पर टिकी निगाहें”

(शहजाद अली हरिद्वार)गदरपुर (उधमसिंहनगर):गदरपुर क्षेत्र में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम बिशनपुर निवासी कुसुम पत्नी सुरेंद्र उर्फ बाबू पर यह आरोप लगाया गया है कि उन्होंने वर्ष 2005 की एक संदिग्ध टीसी (स्थानांतरण प्रमाणपत्र) के आधार पर कई योजनाओं का लाभ प्राप्त किया, जबकि उनका विवाह वर्ष 2003 में ही हो चुका था।शिकायतकर्ता अमन कुमार ने खंड शिक्षा अधिकारी को प्रेषित शिकायत पत्र में बताया कि कुसुम ने 2005 में आरआर खेड़ा पूर्व माध्यमिक विद्यालय, रामजीवनपुर से कक्षा 8 उत्तीर्ण होने का दावा किया, जबकि वह पहले ही अपने ससुराल में रह रही थीं। उनका कहना है कि उक्त महिला को कभी विद्यालय जाते नहीं देखा गया, न ही कोई वास्तविक शैक्षणिक रिकॉर्ड मौजूद है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि 2019 में उस टीसी पर खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा काउंटर साइनिंग भी कर दी गई।

फर्जीवाड़े के आरोप गंभीर, कार्रवाई की मांग तेज

======================
शिकायतकर्ता ने टीसी की गहन जांच और यदि फर्जीवाड़ा साबित हो तो एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह शिकायत जिलाधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और शिक्षा निदेशक तक भी भेजी गई है, ताकि उच्च स्तरीय जांच सुनिश्चित की जा सके।

जांच पर उठे सवाल ग्रामीणों में असंतोष

शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक स्तर पर रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है, लेकिन सवाल यह है कि जांच कब पूरी होगी और दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई फर्जी दस्तावेजों के दम पर योजनाओं का अनुचित लाभ उठा रहा है, तो यह सीधे तौर पर जनहित पर चोट है और प्रशासन को इस पर सख्त व निष्पक्ष निर्णय लेना चाहिए।

अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और शिक्षा विभाग की निष्पक्षता पर टिकी हैं। क्या दोषियों पर समय से कार्रवाई होगी या मामला फाइलों में ही दफन हो जाएगा?

259 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

“सहकारिता में बड़ा सुधार कदम: प्रोफेशनल एमडी की तैनाती, आधी-अधूरी तैयारी पर अधिकारियों की क्लास—दून सहकारी बाजार व निबंधक कार्यालय निर्माण को मिली रफ्तार, डीपीसी प्रस्ताव शीघ्र आयोग भेजने के निर्देश”

“हर मतदान केंद्र पर बीएलए-2 की अनिवार्य तैनाती: जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित का सख्त निर्देश, राजनीतिक दलों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम, मतदाता सूची शुद्धिकरण में सक्रिय भागीदारी पर ज़ोर”