(शहजाद अली हरिद्वार) हरिद्वार। रानीपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कांग्रेस का सम्मान समारोह राजनीतिक सरगर्मी का केंद्र बन गया।
इस कार्यक्रम ने न केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया जोश और आत्मविश्वास भरने का काम किया, बल्कि स्थानीय जनता और मजदूर वर्ग को भी यह संदेश दिया
कि कांग्रेस उनकी आवाज बनने के लिए तैयार है। समारोह में कांग्रेस नेता राजवीर चौहान ने जोरदार भाषण दिया और क्षेत्र की समस्याओं को जनता के सामने रखा।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आज रानीपुर और हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्र (सिडकुल) में काम करने वाले मजदूर और कर्मचारी शोषण का शिकार हो रहे हैं। मजदूरों से 8 घंटे के बजाय 12-12 घंटे ड्यूटी करवाई जाती है
और इसके बावजूद उन्हें न्यूनतम वेतन तक नहीं मिलता। यह एक गंभीर मुद्दा है, जिसे बार-बार उठाया गया लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
समीर मलिक का कांग्रेस में शामिल होना
कार्यक्रम की खास बात रही कि बसपा को अलविदा कहकर समीर मलिक ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। वे अब हरिद्वार में युवा महासचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे।
उनके साथ कई युवा चेहरों ने कांग्रेस का दामन थामा, जिससे कांग्रेस का संगठन और भी मजबूत होता दिख रहा है। इस अवसर पर युवा कांग्रेस नेता दुर्गेश शर्मा और सत्य प्रकाश दुबे ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
राजवीर चौहान ने कहा कि कांग्रेस का परिवार तेजी से बढ़ रहा है। बसपा, भाजपा और अन्य दलों से निराश कार्यकर्ता अब कांग्रेस की विचारधारा को अपनाने लगे हैं। यही वजह है कि रानीपुर और पूरे हरिद्वार में कांग्रेस का जनाधार लगातार बढ़ रहा है।
मजदूरों के हक की लड़ाई
राजवीर चौहान ने अपने संबोधन में इंडस्ट्रियल एरिया सिडकुल की बदहाल स्थिति पर खुलकर बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि वहाँ कर्मचारियों के साथ अन्याय हो रहा है।
मजदूरों से ओवरटाइम के नाम पर जबरन लंबे समय तक काम कराया जा रहा है।
फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं।
यदि कोई कर्मचारी अपने हक की आवाज उठाता है, तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।
न्यूनतम वेतन कानून होने के बावजूद मजदूरों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस उद्योगों के विरोध में नहीं है। बल्कि पार्टी चाहती है कि उद्योग आगे बढ़ें, रोजगार के अवसर पैदा हों, लेकिन यह विकास मजदूरों के शोषण पर आधारित नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस का रुख
कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में पार्टी मजदूरों और कर्मचारियों के अधिकारों के लिए व्यापक आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा –
“हम उद्योगपतियों से विरोध नहीं करते, लेकिन मजदूरों की मेहनत का हक छीना गया तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आवाज बुलंद करेगी।”
उन्होंने भरोसा जताया कि रानीपुर सहित पूरे उत्तराखंड की जनता कांग्रेस के साथ है और 2027 के चुनाव में कांग्रेस की सत्ता में वापसी निश्चित है।
जनता का उत्साह और बढ़ता जनाधार
सम्मान समारोह में भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की मौजूदगी ने कांग्रेस के बढ़ते जनाधार की तस्वीर साफ कर दी। लोग मंच से उठाए गए मुद्दों से सहमत नजर आए। खासकर मजदूर वर्ग के बीच कांग्रेस का यह संदेश गहराई तक जाता दिख रहा है कि पार्टी उनके लिए ही लड़ाई लड़ रही है।
पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना था कि भाजपा सरकार के समय में मजदूरों की हालत लगातार बिगड़ी है। कई बार विरोध और धरना-प्रदर्शन किए गए, लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया। ऐसे में अब लोगों की उम्मीदें कांग्रेस से बढ़ गई हैं।
2027 की राह
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रानीपुर क्षेत्र में कांग्रेस धीरे-धीरे मजबूत स्थिति में आ रही है। समीर मलिक जैसे युवा नेताओं के शामिल होने से पार्टी को संगठनात्मक ताकत मिलेगी। साथ ही, मजदूर वर्ग और स्थानीय जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देने से कांग्रेस का वोट बैंक भी मजबूत होगा।
राजवीर चौहान का यह ऐलान कि 2027 में कांग्रेस सत्ता में लौटेगी, कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। उनका कहना है कि मौजूदा सरकार ने जनता को सिर्फ वादे दिए हैं, जबकि कांग्रेस ही वह पार्टी है जिसने हमेशा मजदूरों और किसानों का साथ दिया।
रानीपुर की सियासत का बदला समीकरण
रानीपुर विधानसभा हरिद्वार जिले की राजनीति में अहम भूमिका निभाती है। यहां औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण मजदूरों और कर्मचारियों की संख्या बड़ी है। यही वर्ग चुनाव में निर्णायक साबित होता है। भाजपा ने अब तक इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बनाए रखा था, लेकिन लगातार बढ़ती नाराजगी और मजदूरों के शोषण के मुद्दे कांग्रेस के लिए बड़ा अवसर बन सकते हैं।
बसपा से कांग्रेस में आए नेताओं के कारण बसपा का जनाधार कमजोर होता दिख रहा है, जबकि कांग्रेस इस वर्ग को अपने साथ जोड़ने में सफल होती दिख रही है।
कार्यक्रम का माहौल
सम्मान समारोह का आयोजन उत्साह और जोश से भरपूर रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का स्वागत फूल मालाओं और नारों के साथ किया। मंच से बार-बार “कांग्रेस जिंदाबाद” और “मजदूर-कर्मचारी एकता जिंदाबाद” के नारे गूंजते रहे।
राजवीर चौहान के भाषण के दौरान भीड़ बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट से उनका समर्थन करती रही। यह माहौल साफ इशारा करता है कि रानीपुर की जनता बदलाव चाहती है और कांग्रेस की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है।
निष्कर्ष
रानीपुर में आयोजित कांग्रेस का सम्मान समारोह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह मजदूरों और कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई का ऐलान था। कांग्रेस नेता राजवीर चौहान ने साफ कर दिया कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य औद्योगिक क्षेत्र के मजदूरों को उनका हक दिलाना है।
समीर मलिक और अन्य युवा नेताओं के शामिल होने से कांग्रेस का संगठन मजबूत हुआ है और कार्यकर्ताओं में नया जोश आया है। आने वाले समय में यह ऊर्जा कांग्रेस को रानीपुर ही नहीं, बल्कि पूरे हरिद्वार और उत्तराखंड की राजनीति में मजबूत स्थिति में पहुंचा सकती है।
2027 के चुनाव को लक्ष्य बनाकर कांग्रेस ने जो रणनीति बनाई है, उसमें मजदूरों का मुद्दा सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है।
जनता के बीच तेजी से बढ़ता जनाधार और कार्यकर्ताओं का जोश साफ संकेत दे रहा है कि रानीपुर में कांग्रेस का जनसमर्थन अब वाकई उफान पर है।




































