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Home » संदेश » “सनातन की शाश्वत गूंज से गूंजा मायापुर: विराट हिन्दू सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब, धर्म-संस्कार, राष्ट्रधर्म और सामाजिक समरसता का दिया गया सशक्त संदेश”

“सनातन की शाश्वत गूंज से गूंजा मायापुर: विराट हिन्दू सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब, धर्म-संस्कार, राष्ट्रधर्म और सामाजिक समरसता का दिया गया सशक्त संदेश”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार |राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरिद्वार नगर के तत्वावधान में मायापुरी बस्ती क्षेत्र में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन सरस्वती विद्या मंदिर मायापुर के प्रांगण में किया गया। मायापुर हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र की जनता ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।सम्मेलन का शुभारंभ सभी अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि गरीब दासीय आश्रम के संचालक भगवताचार्य स्वामी रविदेव शास्त्री ने सनातन धर्म की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए लोगों से अपनी परंपराओं और संस्कारों के पालन का आह्वान किया।मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त प्रचार प्रमुख संजय जी ने कहा कि हिन्दू-सनातन धर्म विश्व का सबसे प्राचीन धर्म है, जिसकी परंपराएं मानवता, शांति और सर्वकल्याण का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि भारत की भूमि पर सिख, जैन, बौद्ध सहित अनेक पंथ और संप्रदाय विकसित हुए, जिनका मूल उद्देश्य समाज को जोड़ना है। संजय जी ने संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर पंच परिवर्तन—पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य, स्वबोध, कुटुंब प्रबोधन और सामाजिक समरसता—पर विशेष बल दिया।विशिष्ट अतिथि साध्वी महंत गंगा दास जी ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में संरक्षक महंत विष्णु दास ने आभार व्यक्त किया। सम्मेलन का संचालन चंद्रशेखर कुर्ल ने किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, शिक्षकों व संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।

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