न्यूज़ फ्लैश
“80% से कम खर्च पर CDO का कड़ा एक्शन: लापरवाह विभागों को फटकार, समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरे करने के सख्त निर्देश” “सहकारिता में बड़ा सुधार कदम: प्रोफेशनल एमडी की तैनाती, आधी-अधूरी तैयारी पर अधिकारियों की क्लास—दून सहकारी बाजार व निबंधक कार्यालय निर्माण को मिली रफ्तार, डीपीसी प्रस्ताव शीघ्र आयोग भेजने के निर्देश” “हर मतदान केंद्र पर बीएलए-2 की अनिवार्य तैनाती: जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित का सख्त निर्देश, राजनीतिक दलों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम, मतदाता सूची शुद्धिकरण में सक्रिय भागीदारी पर ज़ोर” “दिल्ली में सियासी हलचल: बहादराबाद के तेज तर्रार नेता ठाकुर संजय सिंह चौहान की दिग्गज बृजभूषण सिंह से खास मुलाकात, यूजीसी मुद्दे पर हुई गंभीर चर्चा, हरिद्वार आगमन का दिया न्योता” “कुम्भ-2027 की तैयारी ने पकड़ी रफ्तार: मेलाधिकारी सोनिका का बहादराबाद दौरा, 1659 लाख की लागत से बन रहे स्टील पुल का निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्धता पर सख्त रुख” “568 लाख की बड़ी सौगात से संवरेंगे उत्तराखंड के स्कूल, 16 जर्जर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का होगा कायाकल्प शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दी पुनर्निर्माण को हरी झंडी”
Home » सवाल » “सदन में पर्यावरण की बड़ी गूंज: डा. नरेश बंसल ने औद्योगिक हरित पट्टी मानकों पर उठाए धारदार सवाल, सरकार से मांगी पारदर्शी नीति और सतत विकास की पूरी रूपरेखा”

“सदन में पर्यावरण की बड़ी गूंज: डा. नरेश बंसल ने औद्योगिक हरित पट्टी मानकों पर उठाए धारदार सवाल, सरकार से मांगी पारदर्शी नीति और सतत विकास की पूरी रूपरेखा”

(शहजाद अली हरिद्वार)भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डा. नरेश बंसल ने औद्योगिक क्षेत्रों के लिए हरित पट्टी मानकों में संशोधन संबंधी महत्वपूर्ण पर्यावरण प्रश्न राज्यसभा में उठाया। उन्होंने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री से पूछते हुए कहा कि नए औद्योगिक क्षेत्रों व परियोजनाओं के लिए संशोधित हरित पट्टी मानकों का विवरण, पूर्व निर्धारित 33% हरित आवरण में संशोधन का कारण, तथा सतत औद्योगिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी सदन में प्रस्तुत की जाए।

इस प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय मंत्री श्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि प्रदूषण की संभाव्यता के आधार पर हरित पट्टी की आवश्यकताओं को वैज्ञानिक रूप से युक्तिसंगत बनाया गया है। मंत्रालय द्वारा 29 अक्टूबर 2025 को जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार औद्योगिक क्षेत्रों में कम से कम 10% क्षेत्र को सामान्य हरित क्षेत्र के रूप में चिन्हित करना अनिवार्य होगा। साथ ही लाल श्रेणी की इकाइयों को 15% तथा नारंगी श्रेणी की इकाइयों को 10% हरित आवरण विकसित करना होगा। औद्योगिक क्षेत्रों से बाहर लाल और नारंगी श्रेणी की इकाइयों के लिए यह मानक क्रमशः 25% और 20% निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें गैर-वायु प्रदूषणकारी होने पर 5% तक कम किया जा सकता है। हरित और श्वेत उद्योगों के लिए हरित पट्टी वैकल्पिक है, सिवाय उन हरित उद्योगों के जिनका वायु प्रदूषण स्कोर 25 से अधिक है—जिन्हें 10% हरित क्षेत्र विकसित करना होगा।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह संशोधन अंतरराष्ट्रीय मानकों, विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों और ईआईए अधिसूचना 2006 के प्रावधानों के अनुरूप है, ताकि उपलब्ध भूमि का इष्टतम उपयोग हो सके और प्रदूषण क्षमता वाले उद्योगों से अधिक हरित आवरण सुनिश्चित कर सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जा सके

56 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

“सहकारिता में बड़ा सुधार कदम: प्रोफेशनल एमडी की तैनाती, आधी-अधूरी तैयारी पर अधिकारियों की क्लास—दून सहकारी बाजार व निबंधक कार्यालय निर्माण को मिली रफ्तार, डीपीसी प्रस्ताव शीघ्र आयोग भेजने के निर्देश”

“हर मतदान केंद्र पर बीएलए-2 की अनिवार्य तैनाती: जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित का सख्त निर्देश, राजनीतिक दलों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम, मतदाता सूची शुद्धिकरण में सक्रिय भागीदारी पर ज़ोर”