(शहजाद अली हरिद्वार)भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डा. नरेश बंसल ने औद्योगिक क्षेत्रों के लिए हरित पट्टी मानकों में संशोधन संबंधी महत्वपूर्ण पर्यावरण प्रश्न राज्यसभा में उठाया। उन्होंने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री से पूछते हुए कहा कि नए औद्योगिक क्षेत्रों व परियोजनाओं के लिए संशोधित हरित पट्टी मानकों का विवरण, पूर्व निर्धारित 33% हरित आवरण में संशोधन का कारण, तथा सतत औद्योगिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी सदन में प्रस्तुत की जाए।
इस प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय मंत्री श्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि प्रदूषण की संभाव्यता के आधार पर हरित पट्टी की आवश्यकताओं को वैज्ञानिक रूप से युक्तिसंगत बनाया गया है। मंत्रालय द्वारा 29 अक्टूबर 2025 को जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार औद्योगिक क्षेत्रों में कम से कम 10% क्षेत्र को सामान्य हरित क्षेत्र के रूप में चिन्हित करना अनिवार्य होगा। साथ ही लाल श्रेणी की इकाइयों को 15% तथा नारंगी श्रेणी की इकाइयों को 10% हरित आवरण विकसित करना होगा। औद्योगिक क्षेत्रों से बाहर लाल और नारंगी श्रेणी की इकाइयों के लिए यह मानक क्रमशः 25% और 20% निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें गैर-वायु प्रदूषणकारी होने पर 5% तक कम किया जा सकता है। हरित और श्वेत उद्योगों के लिए हरित पट्टी वैकल्पिक है, सिवाय उन हरित उद्योगों के जिनका वायु प्रदूषण स्कोर 25 से अधिक है—जिन्हें 10% हरित क्षेत्र विकसित करना होगा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह संशोधन अंतरराष्ट्रीय मानकों, विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों और ईआईए अधिसूचना 2006 के प्रावधानों के अनुरूप है, ताकि उपलब्ध भूमि का इष्टतम उपयोग हो सके और प्रदूषण क्षमता वाले उद्योगों से अधिक हरित आवरण सुनिश्चित कर सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जा सके



































