(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों तक न्याय, स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बहादराबाद ब्लॉक के ग्राम इक्कड़ कलां में विधिक जागरूकता एवं बहुउद्देशीय जनसहायता शिविर का सफल आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित यह शिविर 60 दिवसीय मेगा ड्राइव (चरण-1) का हिस्सा रहा। शिविर में ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं और केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष नरेंद्र दत्त, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत भुल्लर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शिविर में न्यायिक अधिकारियों, जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना लक्ष्य: नरेंद्र दत्त
मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश नरेंद्र दत्त ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना ही विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रमुख संकल्प है। उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के अंतर्गत महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और निर्धन वर्ग को उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने ग्रामीणों को नालसा की शिक्षा योजना 2026, स्पृहा (SPRUHA) योजना, मानव-वन्यजीव संघर्ष सहायता योजना, वीर परिवार सहायता योजना तथा बाल विवाह की रोकथाम से संबंधित आशा (ASHA) एसओपी के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जानकारी और मार्गदर्शन के अभाव में कोई भी पात्र व्यक्ति अपने कानूनी अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
महिलाओं की सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव पर जोर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत भुल्लर ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए पुलिस की विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने आपातकालीन सहायता के लिए 112, महिला हेल्पलाइन 1090 और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए साइबर हेल्पलाइन 1930 के उपयोग के बारे में बताया। उन्होंने नागरिकों से मोटर वाहन अधिनियम, नए आपराधिक कानूनों और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील भी की।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने में मदद मिलती है।
स्वास्थ्य जांच और सरकारी योजनाओं का मिला लाभ
शिविर में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह की देखरेख में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया। इसमें ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं और मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय बताए गए।
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य, समाज कल्याण, राजस्व, पंचायती राज, शिक्षा एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी। शिविर में राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, पेंशन और विभिन्न प्रमाण-पत्रों से संबंधित आवेदन भरवाए गए। परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने सहित अन्य कार्यों के लिए भी ग्रामीणों को आवश्यक सहायता प्रदान की गई।
परिवार न्यायालय रुड़की के न्यायाधीश बी.बी. पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि हरिद्वार जिले में न्यायिक अधिकारी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य कर रहे हैं, जिससे न्यायपालिका के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हो रहा है।
60 दिनों तक चलेगा जागरूकता अभियान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार, यह मेगा ड्राइव लगातार 60 दिनों तक संचालित की जाएगी। इसके तहत विलेज लीगल एड क्लीनिक और पराविधिक स्वयंसेवक (PLVs) घर-घर संपर्क कर पात्र व्यक्तियों की पहचान करेंगे और उन्हें विधिक सहायता एवं सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने उपस्थित अधिकारियों, विभागीय प्रतिनिधियों और ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया।








































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