(शहजाद अली हरिद्वार)देहरादून, 22 जुलाई 2025 —हरिद्वार के सांसद और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन होम स्टे सुविधाओं को बढ़ावा देने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया।
उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों की सुविधा के लिए देशभर में होम स्टे मॉडल को बढ़ावा देना जरूरी है, खासकर पहाड़ी और जनजातीय इलाकों में।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लिखित उत्तर में बताया कि बजट 2025-26 में होम स्टे इकाइयों के लिए संपार्श्विक रहित संस्थागत ऋण (Collateral Free Institutional Loans) की योजना शुरू की गई है। साथ ही, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत देशभर में 1000 नए होम स्टे विकसित किए जाएंगे।
मंत्री ने यह भी बताया कि राज्यों को 5-6 गांवों के समूह में, प्रति गांव 5-10 होम स्टे विकसित करने के लिए अधिकतम ₹5 करोड़ की केंद्रीय सहायता दी जा सकती है। उत्तराखंड के चकराता, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे जनजातीय क्षेत्रों को इस योजना में शामिल किया जा सकता है।
सरकार की “अतुल्य भारत बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना” के अंतर्गत होम स्टे को “स्वर्ण” और “रजत” श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा रहा है। इसके साथ ही, सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण योजना (CBSP) के माध्यम से होम स्टे मालिकों व टूर गाइड्स को प्रशिक्षण व प्रमाणन दिया जा रहा है।
मंत्रालय “अतुल्य भारत वेबसाइट” को डिजिटल सूचना मंच के रूप में विकसित कर रहा है, जिससे ऑनलाइन होम स्टे बुकिंग और पर्यटन सेवाएं और भी आसान हो जाएंगी।

















































