(शहजाद अली हरिद्वार)”उत्तराखंड को नशे की गिरफ़्त से मुक्त कराने का संकल्प स्वयं प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने लिया है। उनके मार्गदर्शन में पूरे राज्य में ‘नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान ’ को एक जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है।”
“इस दिशा में जिलेभर में अभियान को मज़बूती प्रदान कर रहे हैं हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रमेंद्र डोबाल, जिनके नेतृत्व में पुलिस प्रशासन ने समाज के हर वर्ग को इस मुहिम से जोड़ने का बीड़ा उठाया है।”
“इसी क्रम में एक प्रेरणादायक आयोजन हुआ थाना बहादराबाद के ग्राम मूलदासपुर में, जहां रविदास मंदिर परिसर में एक विशेष नशा मुक्ति जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया।”
“कार्यक्रम में नारी शक्ति संगठन की महिलाओं, क्षेत्रीय समाजसेवियों, पत्रकारों और ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया और इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।”
“गोष्ठी के उपरांत गाँव की गलियों में जनजागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें ‘हमारा गांव – नशा मुक्त गांव’ के नारों से माहौल गूंज उठा। रैली के अंत में सभी ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ ली।”
“इस पूरे आयोजन की विशेष उपस्थिति रही शांतरशाह चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक श्री खेमेंद्र गंगवार की, जिन्होंने ना केवल युवाओं को प्रेरित किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर जागरूकता की अलख जगाई। उनके साथ LIU संदीप सजवान एवं अन्य पुलिसकर्मी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।”
(भावनात्मक समापन)
“ग्राम मूलदासपुर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब प्रशासन, समाज और महिलाओं की शक्ति एक मंच पर आती है, तो हर बुराई हार जाती है — और एक नई सुबह का आगाज़ होता है।
यह सिर्फ एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह था एक संकल्प, एक संघर्ष, और नशा मुक्त भविष्य की दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम।”

















































