(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार।राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पैन इंडिया अभियान के अंतर्गत बाल श्रम, भिक्षावृत्ति और बाल विवाह पर नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे बच्चे जो लगातार विद्यालय नहीं आ रहे हैं, उनकी ट्रैकिंग अनिवार्य रूप से की जाए। बच्चों के स्कूल से बाहर रहने की स्थिति में उनके बाल श्रम में लिप्त होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता,
ऐसे में शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे स्कूलों में उपस्थिति सुनिश्चित करें और अनुपस्थित बच्चों को चिन्हित कर जांच करें।
जिलाधिकारी ने स्ट्रीट चिल्ड्रन और भीख मांगने वाले बच्चों की पहचान और ट्रैकिंग कर उन्हें रेस्क्यू कर विद्यालयों से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही बाल श्रम और बाल विवाह के मामलों में तत्काल कार्यवाही करने और बाल श्रम जिला कार्यबल को सख्ती से छापेमारी करने के आदेश भी दिए।
बैठक में श्रम विभाग द्वारा बताया गया कि 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक कुल 18 बाल श्रमिक और 1 किशोर श्रमिक चिन्हित किए गए हैं। वहीं, अप्रैल 2025 से अब तक दो और बच्चे श्रम करते हुए पाए गए हैं। इन बच्चों को शिक्षा से जोड़ने हेतु प्रक्रिया जारी है।
सचिव डीएलसीए सिमरनजीत कौर ने निर्देश दिए कि सभी कारखानों से शपथपत्र लिया जाए कि वहां कोई बाल श्रमिक कार्यरत नहीं है। 14 से 18 वर्ष के किशोरों से केवल सुरक्षित कार्य ही कराए जाएं और उन्हें वयस्क की तरह वेतन दिया जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी पीआर चौहान, सीएमओ डॉ. आरके सिंह, स्टेट कोऑर्डिनेटर गजेंद्र नौटियाल, सीओ एसपी बडोनी, डीपीओ अविनाश सिंह भदौरिया, श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल पुरोहित, एसएनए ऋषभ उनियाल समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।













































