(शहजाद अली हरिद्वार)हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के बाद हल्द्वानी स्थित आईटीसी फॉर्च्यून में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं तथा उनके समाधान के लिए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
संवाद में व्यापारियों ने जीएसटी प्रक्रियाओं के सरलीकरण, मंडी शुल्क, अतिक्रमण और पार्किंग, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने सहित कई मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक उत्तराखंड की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण भागीदार हैं। सरकार व्यापारियों और उद्यमियों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और सरल व्यावसायिक वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कोविड काल का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किराना और रिटेल व्यापारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों तक राशन और आवश्यक वस्तुएं पहुंचाईं। संकट के समय व्यापारी वर्ग ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाकर मजबूत स्तंभ होने का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को “ब्रांड इंडिया” का सच्चा राजदूत भी बताया।
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश में व्यापार, उद्यमिता और नवाचार के प्रति नया विश्वास पैदा हुआ है। सरकार का प्रयास है कि युवा नौकरी मांगने वाला बनने के बजाय रोजगार देने वाला बनने का सपना देखे। इसी सोच के साथ केंद्र और राज्य सरकार युवाओं में उद्यमिता एवं स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और सरल एवं प्रभावी बनाया जा रहा है। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था की गई है तथा सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन्वेस्टर्स समिट के दौरान उद्योग एवं व्यापार जगत से मिले सुझावों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 30 से अधिक नीतियां तैयार की हैं। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे करीब 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड स्टार्टअप नीति के साथ 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड भी स्थापित किया गया है। सरकार का प्रयास है कि पर्वतीय क्षेत्रों के युवा अपने गांव में रहकर भी देश-दुनिया के बाजार के लिए कारोबार खड़ा कर सकें। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों हेतु भूमि चिन्हित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को बड़े बाजारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य ‘मेड इन उत्तराखंड’ को गुणवत्ता और विश्वास के साथ वैश्विक पहचान दिलाना है।
अंत में मुख्यमंत्री ने व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों से निवेश एवं व्यापारिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा, “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।” उन्होंने कहा कि व्यापार और उद्योग जगत की सहभागिता से विकसित उत्तराखंड का संकल्प पूरा होगा और राज्य विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।











































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