(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। बैशाखी स्नान पर्व एवं सद्भावना सम्मेलन (13 से 15 अप्रैल 2026) को लेकर हरिद्वार पुलिस ने शहर का विस्तृत यातायात प्लान जारी कर दिया है। प्रशासन का अनुमान है
कि इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे, जिसके चलते शहर में ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने रूट डायवर्जन, पार्किंग और वाहनों की आवाजाही को लेकर विशेष व्यवस्था लागू की है।
पुलिस द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें। साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यातायात प्लान के तहत स्पष्ट किया गया है कि जैसे ही शहर में ट्रैफिक का दबाव बढ़ेगा, भारी वाहनों को बॉर्डर पर ही रोक दिया जाएगा। इसके अलावा, नगलाइमरती से वाहनों को डायवर्ट कर बैरागी कैंप पार्किंग और होल्डिंग एरिया में भेजा जाएगा, जहां से उन्हें धीरे-धीरे शहर की ओर छोड़ा जाएगा।
ऋषिकेश की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। चीला मार्ग को केवल एक्जिट के लिए निर्धारित किया गया है,
यानी इस मार्ग से केवल बाहर जाने वाले वाहन ही गुजर सकेंगे। वहीं, सामान्य ट्रैफिक को गुरुकुल कांगड़ी सर्विस लेन से सिंहद्वार होते हुए शंकराचार्य चौक की ओर डायवर्ट किया जाएगा, ताकि शहर में वाहनों की गति नियंत्रित रहे।
दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और पंजाब से हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित रूट तय किए गए हैं। इन वाहनों को नारसन, मंगलौर, कोर कॉलेज, ख्याति ढाबा होते हुए शहर में प्रवेश दिया जाएगा। इनके लिए अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप और चमकादड़ टापू पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं।
यदि ट्रैफिक का दबाव अत्यधिक बढ़ता है, तो इन वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से लक्सर, फेरूपुर, जगजीतपुर और एसएम तिराहा होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग भेजा जाएगा। वहीं, दिल्ली और हरियाणा से आने वाले वाहनों को जरूरत पड़ने पर सहारनपुर-बाईपास, छुटमलपुर और मोहंड के रास्ते देहरादून या ऋषिकेश की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
मुरादाबाद और नजीबाबाद से आने वाले छोटे वाहनों को चिड़ियापुर, श्यामपुर होते हुए चंडी चौक तक आने की अनुमति होगी, जबकि बड़े वाहनों को पहले ही डायवर्ट कर गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।
देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नेपाली फार्म और रायवाला होते हुए हरिद्वार पहुंचने का रूट तय किया गया है। इनके लिए लालजीवाला, पंतद्वीप और चमकादड़ टापू पार्किंग निर्धारित की गई है।
इसके अलावा, ऑटो और विक्रम वाहनों पर भी विशेष नियंत्रण रहेगा। ट्रैफिक दबाव बढ़ने की स्थिति में इन्हें जयराम मोड़ तक ही आने की अनुमति होगी। वहीं, ललतारा पुल से शिवमूर्ति तक सभी प्रकार के छोटे सार्वजनिक वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि 12 अप्रैल 2026 की रात 12 बजे से लेकर स्नान पर्व और सम्मेलन की समाप्ति तक शहर में सभी भारी वाहनों का प्रवेश पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।
हरिद्वार पुलिस ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है, लेकिन इसके लिए आमजन का सहयोग भी जरूरी है।


























