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“आत्मविश्वास, साहस और सुरक्षा का संगम: उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में आत्मरक्षा कार्यशाला के दूसरे दिन दिखा जोश, जज़्बा और जबरदस्त ऊर्जा”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के महिला प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित साप्ताहिक आत्मरक्षा कार्यशाला के दूसरे दिन प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं उत्साहपूर्ण रहा। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता और प्रशिक्षण के प्रति बढ़ता उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिला। हरिद्वार के अनुभवी प्रशिक्षक रविशंकर राय के कुशल मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक ने सरल, वैज्ञानिक एवं प्रभावी तरीकों से आत्मरक्षा के गुर सिखाते हुए विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, साहस और सजगता का विकास किया। कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं को शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और टीम भावना का अभ्यास कराया गया। इससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सकारात्मक योगदान हो रहा है। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में विशेष रुचि दिखाते हुए प्रत्येक अभ्यास को पूरे मनोयोग से किया।

महिला प्रकोष्ठ की नोडल अधिकारी डॉ श्वेता अवस्थी ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।

प्रकोष्ठ की सचिव मीनाक्षी सिंह रावत ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशाला में छात्र-छात्राओं का उत्साह और ऊर्जा यह दर्शाती है कि कार्यक्रम अपने उद्देश्य की ओर सफलतापूर्वक अग्रसर है। कार्यक्रम में प्रो विंदुमती द्विवेदी, पर्यावरणविद डॉ विनय सेठी, अनिता कुकरेती उपस्थित रहे।

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