(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। पिछले कई दिनों से थाना सिडकुल क्षेत्र में लगातार एक के बाद एक दोपहिया वाहनों की चोरी की घटनाएं सामने आ रही थी।
इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए चोरी की वारदातों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा इसमें संलिप्त अभियुक्तों को गिरफ्तार करने हेतु विशेष पुलिस टीम का गठन किया।
गठित पुलिस टीम द्वारा सभी घटनास्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। चोरी की घटनाओं के दौरान घटित संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण करते हुए एक क्राइम ग्राफ तैयार किया गया।
साथ ही आसपास निवास कर रहे व कार्यरत लोगों से पूछताछ कर महत्वपूर्ण सुराग एकत्रित किए गए।लगातार सतत् प्रयासों के फलस्वरूप पुलिस टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर चेकिंग के दौरान दवा चौक सिडकुल के पास से सौरभ पुत्र पप्पू, निवासी बहादराबाद व संजय पुत्र काशीराम, निवासी सलेमपुर, थाना रानीपुर को हिरासत में लिया गया।
इनके कब्जे से मु0अ0सं0 623/2025, धारा 303(2) BNS से संबंधित चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई। जो कि हरिद्वार ग्रीन सोसाइटी से चोरी की गयी थी ।
हिरासत में लिए गए संदिग्धों से गहन एवं कड़ी पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि उनके दो अन्य साथी सुनील कुमार पुत्र करण सिंह, निवासी ग्राम रामपुर, थाना कोतवाली देहात, जिला बिजनौर व अक्षय पुत्र लालू, निवासी टांडा भागमल, थाना लक्सर पेंटागन मॉल के पीछे स्थित टीन शेड के पीछे चोरी की गई मोटरसाइकिलों की देखरेख कर रहे हैं तथा अभियुक्त चोरी की मोटरसाइकिलों का सौदा करने जा रहे थे।
पुलिस द्वारा इस सूचना के आधार पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर वरिष्ठ उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह तोमर एवं एडिशनल उपनिरीक्षक हरिश्चंद्र के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा पेंटागन मॉल के पीछे कूड़े के ढेर के पास दबिश दी गई। मौके से दोनों व्यक्तियों सुनील कुमार व अक्षय को चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ दबोचा।
मौके पर टीन शेड के पीछे कुल 13 मोटरसाइकिलें खड़ी मिलीं। इस प्रकार पुलिस द्वारा कुल 14 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।
बरामद सभी मोटरसाइकिलों का निरीक्षण कर ई-चालान मशीन के माध्यम से विवरण प्राप्त किया गया, जिनमें विभिन्न जनपदों से चोरी की गई हीरो स्प्लेंडर, सुपर स्प्लेंडर, टीवीएस अपाचे, यामाहा एमटी-15, टीवीएस राइडर एवं एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिलें शामिल हैं।
कई वाहनों के संबंध में पूर्व से पंजीकृत अभियोगों की पुष्टि की गई है तथा शेष के संबंध में वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है। पुलिस ने चारों आरोपियों का चालान कर दिया है।




































