(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। उत्तराखंड को फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत हरिद्वार में फार्मा उद्योगों के लिए रिवाइज्ड जीएमपी (Revised Good Manufacturing Practices – R.GMP) और HVAC सिस्टम पर आधारित एक व्यापक लर्निंग सेशन व ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने किया, जबकि तकनीकी प्रशिक्षण ISHRE Engineers की विशेषज्ञ टीम द्वारा प्रदान किया गया। ट्रेनिंग में जनपद की लगभग सभी फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।
संशोधित R.GMP: बदलते वैश्विक परिदृश्य में जरूरी कदम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने बताया कि देशभर में शीघ्र ही संशोधित R.GMP लागू होने जा रहा है, जिसके तहत फार्मा कंपनियों को अपडेटेड नियमों, प्रक्रियाओं और कंप्लायंस फ्रेमवर्क का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बदलाव केवल नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्पादन की गुणवत्ता, सुरक्षा, ट्रेसबिलिटी और दस्तावेज़ीकरण को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप ढालने की दिशा में एक व्यापक सुधार है।
उन्होंने कहा कि इस ट्रेनिंग का उद्देश्य उद्योगों को पहले से तैयार करना है, ताकि नियम लागू होने के समय किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रियागत बाधा न आए।
R.GMP के तहत क्वालिटी रिस्क मैनेजमेंट, प्रोसेस वैलिडेशन, क्लीन रूम मेंटेनेंस, डेटा इंटीग्रिटी जैसे पहलुओं पर विशेष जोर दिया गया।
HVAC सिस्टम: गुणवत्ता की रीढ़
ट्रेनिंग का एक प्रमुख हिस्सा फार्मास्युटिकल प्लांट्स में HVAC (Heating, Ventilation and Air Conditioning) सिस्टम की भूमिका पर केंद्रित रहा।
ISHRE Engineers की टीम ने बताया कि दवा निर्माण में एयर क्वालिटी, तापमान, नमी और प्रेशर कंट्रोल सीधे तौर पर उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़ा होता है।
विशेषज्ञों ने क्लीन रूम डिजाइन, एयरफ्लो पैटर्न, फिल्ट्रेशन सिस्टम (HEPA/ULPA), एनर्जी एफिशिएंसी और मेंटेनेंस प्रोटोकॉल पर विस्तृत जानकारी दी।
साथ ही यह भी बताया गया कि R.GMP के तहत HVAC सिस्टम का सही तरीके से वैलिडेशन और डॉक्यूमेंटेशन कितना महत्वपूर्ण है।
हरिद्वार का प्रदर्शन: 90% कंपनियां मानकों पर खरी
ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने गर्व के साथ बताया कि पिछले तीन वर्षों में हरिद्वार की लगभग 90 प्रतिशत फार्मा कंपनियां सभी निर्धारित मानकों का पालन कर रही हैं। शेष 10 प्रतिशत कंपनियां भी तेजी से आवश्यक सुधारों की दिशा में कार्य कर रही हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की नियमित ट्रेनिंग और उद्योग-प्रशासन के सहयोग से निकट भविष्य में हरिद्वार की सभी इकाइयां R.GMP कंप्लायंस में पूरी तरह सक्षम होंगी।
एक्सपोर्ट और WHO सर्टिफिकेशन की ओर मजबूत कदम
कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि संशोधित R.GMP का पालन करने से कंपनियों के लिए एक्सपोर्ट मार्केट के दरवाजे और अधिक खुलेंगे। अंतरराष्ट्रीय खरीदार और नियामक संस्थाएं गुणवत्ता मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं।
अनीता भारती ने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड की फार्मा कंपनियां WHO-GMP सर्टिफिकेशन की ओर मजबूती से आगे बढ़ेंगी। इससे न केवल राज्य की वैश्विक पहचान बढ़ेगी, बल्कि रोजगार, निवेश और राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
विधायक रवि बहादुर का उद्योगों को भरोसा
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रवि बहादुर, विधायक ज्वालापुर, ने फार्मा उद्योग से जुड़े उद्यमियों और कर्मचारियों की भूमिका को “प्रदेश की रीढ़” बताया।
उन्होंने कहा कि फार्मा उद्योग न केवल कर राजस्व के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी प्रदान करता है।
रवि बहादुर ने आश्वासन दिया कि यदि उद्योगों को किसी भी प्रकार की नीतिगत, प्रशासनिक या सरकारी स्तर की समस्या आती है, तो उसे सदन तक पहुंचाने और समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
उद्योग–प्रशासन–तकनीकी संस्थानों का समन्वय
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम की सबसे बड़ी विशेषता उद्योग, प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय रही। प्रतिभागियों ने इसे केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान साझा करने का मंच बताया।
उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि R.GMP और HVAC जैसे विषय अक्सर जटिल लगते हैं, लेकिन विशेषज्ञों द्वारा सरल भाषा और केस स्टडी के माध्यम से समझाने से उन्हें अपने प्लांट्स में आवश्यक सुधारों की स्पष्ट दिशा मिली।
भविष्य की दिशा
कार्यक्रम के समापन पर यह संदेश स्पष्ट था कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। बदलते वैश्विक मानकों के साथ कदम मिलाकर चलना ही फार्मा उद्योग की सफलता की कुंजी है।
हरिद्वार में आयोजित यह R.GMP ट्रेनिंग न केवल स्थानीय उद्योगों के लिए उपयोगी साबित होगी, बल्कि इसे उत्तराखंड के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
निष्कर्ष
हरिद्वार में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार, प्रशासन, तकनीकी संस्थान और उद्योग एक साथ मिलकर काम करते हैं,
तो परिणाम दूरगामी और सकारात्मक होते हैं। R.GMP जैसी पहलें न केवल दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगी, बल्कि उत्तराखंड को वैश्विक फार्मा मैप पर एक मजबूत और विश्वसनीय पहचान भी दिलाएंगी।
आने वाले समय में ऐसे और प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।




































