(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार के भूपतवाला स्थित प्रसिद्ध श्री शिवानन्द आश्रम में परम पूज्य ब्रह्मलीन स्वामी श्री शिवानन्द महाराज की पावन पुण्यतिथि पर एक भव्य संत समागम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व आश्रम के श्री महंत स्वामी नरेशानन्द महाराज ने किया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव का सानिध्य ईश्वर की अनंत कृपा का दुर्लभ अवसर होता है। उनका स्मरण हृदय में ऐसी दिव्य शांति भर देता है, मानो कोई अदृश्य कृपा हमारे जीवन को स्पर्श कर गई हो। गुरु की स्मृतियाँ केवल यादें नहीं, बल्कि आत्मा को दिशा देने वाली जीवित प्रार्थनाएँ होती हैं, जो हर कठिन क्षण में मन को संभाल लेती हैं।
महंत नरेशानन्द महाराज द्वारा मनोनीत उत्तराधिकारी महंत स्वामी देवेंद्रानन्द महाराज ने कहा कि दादा गुरु स्वामी शिवानन्द महाराज ज्ञान के विशाल सूर्य थे, जिनकी छाया में साधकों का जीवन धन्य होता है। महंत राजा महाराज ने गुरुदेव के दिव्य वचनों को मानव जीवन का पथप्रदर्शक बताया।
समागम में मंडलेश्वर श्री अनंतानन्द महाराज, साध्वी राजमाता आशा भारती, महंत कन्हैया दास, महंत शुभम गिरी, महंत परमानन्द, महंत रामानंद, महंत गोपाल गिरी सहित भारी संख्या में संत महापुरुष व भक्तगण उपस्थित रहे। सभी ने भव्य भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। यह दिव्य आयोजन गुरु भक्ति, ज्ञान और करुणा की अनूठी अनुभूति बनकर सभी हृदयों को पवित्र कर गया।



































