न्यूज़ फ्लैश
“श्रद्धालुओं की सेहत से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त, चारधाम यात्रा से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का निरीक्षण अभियान तेज” “हरित हरिद्वार का संकल्प: विश्व पर्यावरण दिवस पर डीएम मयूर दीक्षित ने पत्नी संग किया पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया प्रेरक संदेश” “HRDA में नई तैनाती से बढ़ी हलचल, जमीनी अनुभव वाले अधिकारी प्रत्यूष सिंह बने सचिव; विकास, नियोजन और प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा” “उत्तराखंड पुलिस महकमे में बड़ा धमाका: कई IPS-PPS अधिकारियों के तबादले, कुंभ-2027 से लेकर ट्रैफिक और CID तक नई तैनातियां!” “हरिद्वार में गूंजा ‘भगत दा’ का हरित संदेश! पद्म भूषण सम्मान के बाद किया वृक्षारोपण, बोले— पेड़ बचेंगे तो भविष्य बचेगा” “टिहरी में विकास की महाबैठक: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का सख्त संदेश, सड़क-पेयजल से पर्यटन तक सभी परियोजनाएं समय पर पूरी करें!”
Home » समारोह » “देव संस्कृति विश्वविद्यालय बना आधुनिक गुरुकुल: शताब्दी समारोह में राज्यपाल ने कहा—यहाँ शिक्षा नहीं, जीवन की साधना होती है”

“देव संस्कृति विश्वविद्यालय बना आधुनिक गुरुकुल: शताब्दी समारोह में राज्यपाल ने कहा—यहाँ शिक्षा नहीं, जीवन की साधना होती है”

(शहजाद अली हरिद्वार)हरिद्वार। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) आज हरिद्वार में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में राज्यपाल ने अखिल विश्व गायत्री परिवार और देव संस्कृति विश्वविद्यालय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल शैक्षणिक केंद्र नहीं, बल्कि आधुनिक गुरुकुल है, जहाँ शिक्षा को साधना माना जाता है।उन्होंने कहा कि हरिद्वार की यह तपोभूमि और माँ गंगा की गोद संकल्प, साधना और लोक कल्याण की ऊर्जा का स्रोत है। उन्होंने डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे अध्यात्म और आधुनिकता के अद्भुत समन्वय द्वारा समाज को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि अखंड ज्योति केवल एक दीप नहीं है। यह अखंड भारत की भावना, धर्म-जागरण की चेतना और भारत के आध्यात्मिक तत्व का जीवंत प्रतीक है। इसकी ज्योति हमें सत्य, नैतिकता और एकता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि हम बदलेंगे, युग बदलेगा यह केवल नारा नहीं, समाज को भीतर से परिवर्तित करने वाला प्रेरक मंत्र है।उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार की सेवा-केन्द्रित कार्यशैली हरिद्वार और उत्तराखण्ड के लिए एक आदर्श मॉडल है। राज्यपाल ने कहा कि गायत्री परिवार ने समाज में नैतिक उन्नयन, सेवा और स्वच्छता की जो संस्कृति विकसित की है, वह राष्ट्र-निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है। राज्यपाल ने सभी स्वयंसेवकों की निष्ठा, अनुशासन और कार्य-भावना की विशेष सराहना की।समारोह के अध्यक्ष जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम जी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति की जड़ें गुरु-शिष्य परंपरा में हैं। गुरु कुम्हार है और शिष्य कुंभ। गुरु बाहर से थपकी और भीतर से सहारा देकर जीवन को आकार देता है। माता-पिता, गुरु और ईश्वर, ये सनातन संस्कृति की एक ही धारा हैं।शताब्दी समारोह में डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि विश्व समुदाय के लिए शताब्दी वर्ष सौभाग्य की त्रिवेणी का अद्भुत संगम लेकर आया है।

उन्होंने कहा कि वंदनीया माताजी समाज में नारी-जागरण और नारी-स्वाभिमान की प्रेरक शक्ति रहीं। माताजी ने नारी को परिवार और समाज की आधारशिला के रूप में देखा।इस अवसर पर विधायक मदन कौशिक, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिव प्रकाश आदि ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान डीएम मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल, व्यवस्थापक योगेंद्र गिरि, आदित्य कोठारी, शिक्षाविद सहित जिला प्रशासन के अनेक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार गण उपस्थित रहे।

83 Views
bahadrabadnews
Author: bahadrabadnews

क्या आप Bahadrabadnews" की खबरों से संतुष्ट हैं?

Our Visitor

4 6 3 8 8 6
Users Today : 857
Users Yesterday : 757

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

क्या आप Bahadrabadnews" की खबरों से संतुष्ट हैं?

Our Visitor

4 6 3 8 8 6
Users Today : 857
Users Yesterday : 757