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“कप्तान तृप्ति भट्ट की बधाई के साथ केदारनाथ सेवा व अदम्य साहस के नायक जीआरपी इंस्पेक्टर बिपिन चंद्र पाठक, स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से होंगे सम्मानित”

(शहजाद अली हरिद्वार) हरिद्वार। देशभर में स्वतंत्रता दिवस का पर्व गर्व, सम्मान और त्याग की अनगिनत कहानियों को याद करने का दिन है। इस अवसर पर जब पूरा भारत तिरंगे की शान में डूबा हुआ है, उत्तराखंड पुलिस विभाग के लिए भी यह दिन विशेष गौरव लेकर आया है। 15 अगस्त 2025 को राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले भव्य राज्य स्तरीय समारोह में जीआरपी (Government Railway Police) में तैनात 2002 बैच के जुझारू और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी इंस्पेक्टर बिपिन चंद्र पाठक को “मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक” से सम्मानित किया जाएगा।

कप्तान तृप्ति भट्ट ने दी बधाई

जीआरपी उत्तराखंड की कप्तान तृप्ति भट्ट ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इंस्पेक्टर पाठक को हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि पाठक का समर्पण, निष्ठा और कठिन परिस्थितियों में भी अद्वितीय कार्य क्षमता विभाग और राज्य के लिए प्रेरणास्रोत है।सेवा का लंबा और गौरवपूर्ण सफर

इंस्पेक्टर बिपिन चंद्र पाठक का पुलिस सेवा में सफर 2002 में शुरू हुआ और तब से लेकर आज तक उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। अपनी कार्यशैली में अनुशासन, जनसेवा और कर्तव्यनिष्ठा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले पाठक को अपने करियर के दौरान कई बड़े पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं।वर्ष 2014 एवं 2022 में सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह

 

वर्ष 2016 में उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह

वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार

इन सम्मानचिन्हों से स्पष्ट है कि पाठक का योगदान केवल अपने विभाग के लिए ही नहीं, बल्कि राज्य और समाज के लिए भी महत्वपूर्ण रहा है।

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2013 आपदा के बाद केदारनाथ में 6 वर्षों की सेवा

इंस्पेक्टर पाठक के करियर का सबसे प्रेरणादायक अध्याय 2013 की विनाशकारी केदारनाथ आपदा के बाद शुरू होता है। आपदा के बाद जब वहां का पूरा ढांचा बर्बाद हो गया था, तब श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थापन की जिम्मेदारी संभालना बेहद कठिन कार्य था। इस कठिन जिम्मेदारी को निभाने के लिए पाठक को केदारनाथ का प्रभारी नियुक्त किया गया।लगातार 6 वर्षों तक उन्होंने वहां डटे रहकर विषम भौगोलिक परिस्थितियों में भी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की। बर्फीली हवाओं, ऊंचे-नीचे पहाड़ी रास्तों और सीमित संसाधनों के बावजूद उनका समर्पण अडिग रहा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुकेश अंबानी से मिली विशेष सराहना

केदारनाथ में पाठक के प्रयासों और पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों ने राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं उनसे हाथ मिलाकर उनके कार्य की सराहना की। इतना ही नहीं, उद्योगपति मुकेश अंबानी ने भी उन्हें अपने मुंबई स्थित आवास पर भोजन के लिए आमंत्रित किया। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि पाठक का काम केवल प्रशासनिक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के शीर्ष नेतृत्व और उद्योग जगत तक उसकी गूंज पहुंची।जनसेवा को सर्वोपरि मानने वाले अधिकारी

इंस्पेक्टर बिपिन चंद्र पाठक की पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में है जो ड्यूटी को केवल पेशा नहीं, बल्कि सेवा का अवसर मानते हैं। उनकी कार्यशैली में अनुशासन और संवेदनशीलता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। रेलवे पुलिस में तैनाती के दौरान भी उन्होंने कई यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की और आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई की।मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक का महत्व

मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक राज्य सरकार द्वारा उन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया जाता है, जिन्होंने अपनी सेवा अवधि में उत्कृष्ट कार्य किया हो, जनता का विश्वास जीता हो और कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया हो। यह पदक न केवल व्यक्ति के सम्मान का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी है।सहकर्मियों और विभाग में खुशी की लहर

जीआरपी के सभी अधिकारी और कर्मचारी इस उपलब्धि से गदगद हैं। विभाग में एक उत्साह और गर्व का माहौल है। सभी ने पाठक को बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की है। सहकर्मियों के अनुसार, पाठक का नेतृत्व और व्यवहार हमेशा सहयोगी रहा है, जिससे टीमवर्क और विभागीय कार्य में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।व्यक्तिगत जीवन और मूल्यों से जुड़ी प्रेरणा

इंस्पेक्टर पाठक की जीवन यात्रा यह दर्शाती है कि सच्ची सफलता केवल पदक और प्रशंसा से नहीं मापी जाती, बल्कि उस भरोसे से मापी जाती है जो जनता और सहकर्मी किसी अधिकारी पर करते हैं। अपने व्यक्तिगत जीवन में भी वह अनुशासनप्रिय, विनम्र और सहज स्वभाव के लिए जाने जाते हैं।भविष्य की प्रेरणा

पाठक की यह उपलब्धि पुलिस विभाग में कार्यरत नए और युवा अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। यह साबित करती है कि यदि आप निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, तो सम्मान और पहचान स्वयं आपके पास आते हैं।

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समारोह का आयोजन

यह सम्मान 15 अगस्त के दिन देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर हजारों नागरिक, विभिन्न विभागों के अधिकारी, पुलिस बल और अन्य सुरक्षाबल मौजूद रहेंगे। तिरंगे की शान के बीच जब पाठक को यह पदक मिलेगा, वह क्षण न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे उत्तराखंड पुलिस बल के लिए ऐतिहासिक होगा।

निष्कर्ष:

इंस्पेक्टर बिपिन चंद्र पाठक का यह सम्मान उनकी लंबी, समर्पित और उत्कृष्ट सेवा का परिणाम है। चाहे आपदा प्रबंधन हो, धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण, या रेलवे यात्रियों की सुरक्षा—हर परिस्थिति में उन्होंने अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा। स्वतंत्रता दिवस पर मिलने वाला यह “मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक” केवल एक पदक नहीं, बल्कि उस समर्पण, मेहनत और निष्ठा का प्रतीक है, जो उन्होंने अपने जीवन के दो दशकों से अधिक समय तक पुलिस सेवा को दिया है

 

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